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सुरक्षा को दरकिनार कर बैंकों में जा रहा कैश

Fri, 13 Jan 2017 11:30 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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 बैंक मुख्यालय से उसकी विभिन्न शाखाओं में कैश पहुंचाने के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। निजी वाहन से एक सुरक्षा गार्ड के सहारे कैश पहुंचाया जा रहा है जो खतरे को आमंत्रण है। लंबे समय से चल रही इस लापरवाही की पोल चुनाव के मद्देनजर चल रही चेकिंग में सामने आई है। दो दिनों में पुलिस ने चार ऐसे वाहनों को पकड़ा है जिसमें बैंकों के लिए धनराशि लाई जा रही थी। हालांकि जांच के बाद इन वाहनों को छोड़ दिया गया लेकिन बैंक की यह व्यवस्था सुरक्षा मानकों पर प्रश्न चिह्न है। बृहस्पतिवार को बरखेड़ा के निकट चेकिंग के दौरान टीम को निजी गाड़ियों से क्रमश: 24 लाख और एक करोड़ रुपया कैश मिला था। शुक्रवार को भी शाही चौकी पर 70 लाख और पूरनपुर में 77 लाख कैश लाते निजी वाहन पकड़े गए। कुछ दिन पूर्व भी छतरी चौराहे पर 10 लाख रुपया पकड़ा गया था। इन सभी वाहनों से बैंक के लिए धनराशि ले जायी जा रही थी जिन्हें जांच के बाद छोड़ दिया गया। सवाल यह उठता है कि करोड़ों रुपये लेकर मात्र एक गार्ड के सहारे चल रहे यह वाहन कितने सुरक्षित हैं। दरअसल बैंको के कैश चेस्ट से शाखाओं तक धनराशि पहुंचाने के लिए सभी बैंकों की अपनी व्यवस्था है। सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से अनुबंधित वैन से धनराशि भेजी जाती है वहीं एटीएम में धनराशि भरने के लिए भी सिक्योरिटी वैन होनी चाहिए। जिले में स्टेट बैंक एवं कुछ अन्य बैंकों को छोड़ अधिकांश बैंकों पर सिक्योरिटी वैन नहीं है। शायद यही वजह है कि बैंककर्मी जोखिम उठाकर कैश को निजी वाहनों से ले जाते हैं।
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क्या हैं नियम-
-पांच लाख एक बैंक कर्मी अकेले ला सकता है।
-50 लाख तक शस्त्रधारी एक सुरक्षा गार्ड चाहिए।
-एक करोड़ तक शस्त्रधारी दो सुरक्षा गार्ड चाहिए।
चुनाव आयोग ने बैंकर्स के साथ बैठक कर कैश के बाबत नियमावली तैयार की है। उन नियमों का उल्लंघन कर कैश लाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत बैंक अधिकारियों को भी आज निर्देशित कर दिया गया है।
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- मासूम अली सरवर, डीएम
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