तीन राज्यों में चल रही परियोजना का हिस्सा है सर्वेक्षण
यह सर्वेक्षण केवल पीलीभीत तक सीमित परियोजना नहीं है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी), आयुष मंत्रालय ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें गंगा के मैदानी क्षेत्र में क्षेत्रीय कच्चे औषधि भंडार की स्थापना और भेषजकोष में शामिल प्रजातियों के लिए राष्ट्रीय हर्बल गार्डन का विकास शामिल है। इन परियोजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को अध्ययन क्षेत्र के रूप में निर्धारित किया गया है।
हर्बेरियम में संरक्षित होंगे पौधों के नमूने
सर्वेक्षण में एकत्र किए जाने वाले पौधों के नमूनों का उपयोग हर्बेरियम तैयार करने में किया जाएगा। हर्बेरियम में पौधों के संरक्षित नमूने व्यवस्थित तरीके से रखे जाते हैं। इनके साथ पौधे की पहचान, मिलने का स्थान और अन्य जरूरी वैज्ञानिक विवरण दर्ज किए जाते हैं। इससे भविष्य में पौधों की प्रजातियों की पहचान, उनके वितरण और वनस्पति संबंधी अध्ययन में सहायता मिलती है।