तराई के जंगलों में दुर्लभ सरीसृपों का बसेरा
पीलीभीत टाइगर रिजर्व और आसपास का तराई क्षेत्र बाघ, तेंदुए और अन्य वन्यजीवों के साथ कई दुर्लभ सरीसृपों का भी प्राकृतिक आवास है। वन्यजीव एवं पक्षी संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था टरक्वाइज वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसायटी के वर्ष 2003 से अब तक किए गए अध्ययनों में क्षेत्र में 18 से 20 दुर्लभ प्रजातियों को चिह्नित किया गया है। इनमें अनुसूची-एक में शामिल अजगर और देश में कम दिखाई देने वाला रेड कोरल कुकरी सांप भी शामिल है।
सालाजार पिट वाइपर की भारत में मौजूदगी पहली बार वर्ष 2019 में अरुणाचल प्रदेश में दर्ज की गई थी। इससे संबंधित शोध को नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज, बेंगलुरु और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र में प्रकाशित किया था। अब पीटीआर की वन सीमा के पास इसकी मौजूदगी सामने आने से क्षेत्र के सरीसृपों की विविधता पर नए सिरे से ध्यान गया है।