एसडीएम का व्यवहार सही न होने के आरोप पर और समस्याओं का समाधान न होने से क्षुब्ध वकीलों ने तहसील गेट के सामने जाम लगाकर एसडीएम के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी वकीलों ने सोमवार तक एसडीएम का बहिष्कार करने और एसडीएम का शीघ्र स्थानांतरण न होने पर सोमवार को बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय करने का निर्णय लिया।
प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष संजय सक्सेना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एसडीएम के व्यवहार की निंदा की गई और विभिन्न समस्याओं का समाधान न होने पर रोष व्यक्त किया गया। बैठक के बाद संजय सक्सेना के नेतृत्व में वकीलों ने तहसील परिसर में घूमकर और तहसील गेट के सामने स्टेशन रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। तहसील गेट पर सभा हुई। वक्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीएम मनमानी कर रहे हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। मामलों की जानकारी जिला जज, उच्च न्यायालय में की जाएगी। पूर्व अध्यक्ष राजेश्वर मिश्र ने कहा कि एसडीएम को कार्य प्रणाली सुधारने को कई मौके दिए गए, लेकिन एसडीएम ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सभा में 94 गांव की खतौनियां न मिलने आदि समस्याओं का समाधान न होने पर रोष व्यक्त किया गया। वकीलों ने एसडीएम का सोमवार तक बहिष्कार करने और उनका शीघ्र स्थानांतरण न होने पर सोमवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीत तय करने का निर्णय लिया गया।
प्रदर्शन करने वालों में सईद खां, पूर्व अध्यक्ष वेद प्रकश पांडेय, डीपी यादव, जगदीश कनौजिया, गिरीश सक्सेना, संजय पांडेय, आदर्श पांडेय, श्रीओम बाजपेई आदि वकील थे।
व्यवहार ठीक न होने का आरोप निराधार है। वकील दबाव बनाकर गलत काम कराना चाहते हैं। कई बार नियमानुसार ही काम होने की जानकारी दी गई। एक बार कुछ वकीलों ने तहसीलदार से अभद्रता की थी। तब भी वकीलों को समझाया गया था कि दबाव में कोई गलत काम किसी कीमत पर नहीं किए जाएंगे। पूरे मामले की जानकारी डीएम को दे दी गई है।
ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम