बरखेड़़ा क्षेत्र में स्कूल में पानी भरा होने के कारण एक निजी घर के बाहर बैठकर पढ़ते बच्चे। संवा
बरखेड़ा। बरसात का पानी अब देहात क्षेत्र के विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डाल रहा है। बरखेड़ा क्षेत्र के रामनगर ग्राम पंचायत के मजरा लक्ष्मणपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय और रामनगर बरखेड़ा का उच्च प्राथमिक विद्यालय जलभराव से प्रभावित हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि शिक्षक बच्चों को निजी घर के बाहर पढ़ाने पर मजबूर हो गए हैं।
रामनगर बरखेड़ा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कुल 161 बच्चों का पंजीकरण है, लेकिन सोमवार को केवल 70 ही बच्चे पहुंचे। विद्यालय परिसर में बदबूदार पानी है, पीने का नल आधा डूब चुका है और शौचालयों में दो फिट पानी भरा होने से उपयोग बंद हो गया है। इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि मध्यान्ह भोजन भी दूषित पानी से बनने के कारण बच्चों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
वहीं, लक्ष्मणपुर प्राथमिक विद्यालय में हालात और भी खराब हैं। यहां चार फिट तक पानी भरा हुआ है। विद्यालय तालाब में तब्दील हो गया है, इसके चलते इंचार्ज वरुण गंगवार ने कुछ बच्चों को पास के मोहल्ले नोआ नगला स्थित एक निजी घर के बाहर पढ़ाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हर बरसात में यह स्कूल तालाब बन जाता है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव की समस्या का समाधान कर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सुरक्षित करने की मांग की है।
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जलभराव के कारण नहीं खुल सका विद्यालय
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बीसलपुर। अधिक जलभराव होने के कारण गांव बढ़ेपुरा घारम का प्राथमिक विद्यालय सोमवार को नहीं खुल सका। प्रधान नीरू यादव ने बताया कि पांच सितंबर को आई बाढ़ का पानी विद्यालय परिसर और मार्ग पर भर गया था, जो अभी तक नहीं निकला है। इस जलभराव के कारण सोमवार को विद्यालय नहीं खुल पाया। विद्यालय स्टाफ के लोग और कुछ बच्चे आए। जब उन्होंने देखा कि पानी भरा हुआ है तो वापस लौट गए। विद्यालय स्टाफ के लोगों ने विभाग के अधिकारियों को इस मामले की सूचना दे दी है। प्रधान ने यह भी बताया कि जलभराव खत्म होने के बाद ही विद्यालय खुल पाएगा। संवाद
बरखेड़़ा क्षेत्र में स्कूल में पानी भरा होने के कारण एक निजी घर के बाहर बैठकर पढ़ते बच्चे। संवा