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किसी स्कूल में लटके ताले, कहीं गपशप करते मिले शिक्षक

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पीलीभीत। कोरोना की दूसरी लहर आने पर बंद हुए स्कूल कई महीने बाद बृहस्पतिवार को खुल गए। पहला दिन साफ सफाई के नाम पर गुजर गया। कई स्कूलों में ताले लटके रहे। स्कूल जो खुले वहां शिक्षक-शिक्षिकाएं और कर्मचारी गपशप करते रहे। ऑनलाइन पढ़ाई कहीं शुरू नहीं हो सकी। बच्चों के न आने से स्कूलों में सन्नाटा पसरा रहा।
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जनपद में 1503 बेसिक और 170 माध्यमिक विद्यालय हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से बच्चों का स्कूल जाना बंद है। सरकार ने बेसिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने पर जोर दिया है। शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार से कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यालय खुल गए। हालांकि अभी केवल शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल आने के निर्देश हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की जाएगी। शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार को अधिकांश स्कूल खुले, लेकिन पहला दिन साफ सफाई के नाम पर गुजर गया। स्टॉफ ने मोबाइल से फोटो खींचकर अपनी हाजिरी दर्ज कराई। वहीं, कई स्कूलों में ताले लटके रहे।
11.35 बजे स्कूल में लटका मिला ताला
एबीएसए कार्यालय से 20 मीटर दूर बीसलपुर के मोहल्ला ग्यासपुर में प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के गेट पर दिन में 11.35 बजे तक ताला लटका था। स्कूल परिसर में कोई कर्मचारी नहीं दिखा। बाद में आसपास देखा गया तो शिक्षक व कर्मचारी दूसरे विद्यालय में बैठे मिले।
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यहां तो पहुंचा ही नहीं कोई स्टाफ
मोहल्ला दुर्गाप्रसाद के लार्ज साइज प्राथमिक विद्यालय में पूर्वाह्न 11.45 बजे तक विद्यालय बंद था। शिक्षक व कर्मचारी सभी लापता थे। आसपास के कुछ लोगों से पूछा गया तो पता चला कि कोई आया ही नहीं था।
बातचीत कर समय बिताता रहा स्टाफ
अमरिया ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल गिधौर में दोपहर करीब 12 बजे शिक्षक व कर्मचारी मौजूद थे। मगर सरकारी काम करने के बजाय सभी आपस में बातचीत समय गुजार रहे थे। उनका कहना था कि पहले परिसर की सफाई कराई गई थी।
शिक्षक पहुंचे, लेकिन नहीं आया सफाई कर्मी
पूरनलपुर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल खाता में पूर्वाह्न 11.50 बजे शिक्षक और शिक्षा मित्र मौजूद थे। मगर स्कूल में भीषण गंदगी थी। शिक्षकों ने बताया कि सफाई कर्मचारी के न आने से साफ-सफाई नहीं हो सकी। सफाई कर्मचारियों को फोन कर बुलाया भी गया था।
शासन के निर्देश पर विद्यालय खुल गए हैं। सभी जगह साफ-सफाई कराकर प्रशासनिक कार्य शुरू कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। कहीं कोई कमी रही तो इसे दिखवाएंगे। - चंद्रकेष सिंह, बीएसए
स्कूलों को शिक्षक-कर्मचारियों के लिए खोला गया है। पहले दिन सफाई कराई गई है। कुछ जगहों पर अगर कोई कमी रही है, तो संज्ञान में नहंीं है। इसे गंभीरता से दिखवाया जाएगा। - संतप्रकाश, डीआईओएस
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