परिषदीय स्कूलों मेें शिक्षकों की कमी के चलते क्षेत्र के 26 उच्च प्राथमिक और करीब दस प्राइमरी स्कूल शिक्षक विहीन हैं। किसी तरह पास के अन्य स्कूलों के शिक्षकों को संबद्ध कर शिक्षण कराया जा रहा है, जिसके चलते संबंधित स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था भी पटरी से उतरी जा रही है।
शिक्षामित्र से शिक्षक बनाने और अन्य शिक्षकों की भारी संख्या में भर्ती होने के बावजूद जिले के 26 उच्च प्राथमिक और 10 प्राथमिक स्कूल शिक्षक विहीन हैं। संबद्धीकरण पर रोक के बावजूद इन स्कूलों में दूसरे स्कूलों के शिक्षकों की संबद्धता दिखा इन स्कूलों को खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में जिन स्कूलों के शिक्षकों को संबद्ध किया गया है, उन स्कूलों में शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों में रोष है।
इन स्कूलों में चल रहा संबद्धीकरण
विभागीय सूत्रों के अनुसार उच्च प्राथमिक स्कूल अजीतपुर, बुधेली, चंदिया हजारा, दयालपुर, धुरिया पलिया, फैजुल्लागंज, ग्रांट नंबर 21, गुलड़िया भूप सिंह, जगतपुर, कसगंजा, खिरकिया बरगदिया, नवदिया सुखदासपुर, नवदिया टोडर, पिपरिया संतोष, पिपरा मुजप्ता, रंपुरा फकीरे, शारदापुरी, सिद्धनगर, सिमराया, टीला नंबर चार, वीरखेड़ा, विजयनगर, इसके अलावा दस प्राइमरी स्कूल शिक्षक विहीन होने से अन्य स्कूलों के शिक्षकों को संबद्ध किया गया है।
मजबूरन चल रहा संबद्धीकरण
खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनरायन ने बताया कि 26 जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक न होने से समीप के स्कूलों के शिक्षकों को संबद्ध किया गया है। प्राइमरी स्कूल कोई भी बंद नहीं है। कुछ स्कूलों में शिक्षक न होने पर शिक्षामित्र तैनात हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की कमी के चलते मजबूरन संबद्धीकरण किया गया है।