पीलीभीत। जिले में सकट चौथ का पर्व परंपरागत मनाया गया। महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु होने की कामना के लिए व्रत रखकर पूजा अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्र में यह पर्व काफी धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने गुड़ और तिल से पूजा अर्चना की।
माघ चतुर्थी को सकट चौथ के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि यदि इन दिन कोई महिला अपने संतान की दीर्घायु और सफलता के लिए व्रत करती हैं तो विघ्र हरण भगवान श्री गणेश उनके संतान को रिद्धि सिद्धि प्रदान करते हैं। पर्व के चलते महिलाओं ने व्रत रखकर एक जगह पर एकत्रित होकर अपने पुत्र की दीर्घायु और धन संपन्नता के लिए गुड़ व तिल से देवी देवताओं की पूजा अर्चना की तथा महिलाओं ने एक दूसरे को प्रसाद के रूप में गुड़ व तिल वितरित किए। घरों में पकवान भी बनाए गए।
पूरनपुर। पुत्र की दीर्घायु की कामना का पर्व सकट चतुर्थी मनाया गया। महिलाओं ने व्रत रखकर पूजा की। घरों में पकवान बने।
अमरैयाकलां। गांव समेत आसपास के गांवों में सकट चतुर्थी धूमधाम से मनाई गई। गांव में मुख्य महिला प्रेमादेवी ने सभी को सकट पर्व की कथा सुनाई। जिसको सभी महिलाओं ने ध्यान पूर्वक सुना। महिलाओं ने तिल और चावल के लड्डू के साथ पूड़ी-पकवान भी बनाए। इसके अलावा यह पवज् गांव खाता, सुखदासपुर, महादिया, तकिया दीनारपुर, रंपुरा फकीरे, सबलपुर, नवदिया धनेश, सुंदरपुर, ककरौआ, देवीपुर, प्रसादपुर, नवदिया टोडर आदि की गांव में पर्व मनाया गया।