संत ईशर सिंह जी महाराज राणा साहिब वालों का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। संत आश्रम में चल रहे तीन दिवसीय समारोह के तहत रविवार को भोग पड़ा और भव्य दीवान सजाया गया।
क्षेत्र के गढ़ा पचपेड़ा स्थित संत आश्रम ईशरसर में तीन दिवसीय जन्मोत्सव समारोह के तहत शुक्रवार को श्री अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया था। इधर रविवार को श्री अखंड पाठ साहिब का भोग पड़ा। इस दौरान भव्य दीवान सजाया गया। समारोह में नानकमत्ता से आए कथा वाचक ज्ञानी गुरसेवक सिंह ने गुरु की महिमा का बखान का संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा भगत धन्ना के जत्थेदार बाबा सुखदेव सिंह संत ईशर सिंह की जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। लुधियाना से आए बाबा जसपाल सिंह ने प्रवचन के दौरान कहा कि वर्तमान में समाज के भीतर तमाम बुराइयां पनप उठी है। रिश्ते दरकते जा रहे हैं। बड़े बुजुर्गों का सम्मान करने की रवायत भी दम तोड़ने लगी है। चारों तरफ हो रहे अत्याचारों से मानव के अंदर बहुत से अवगुण पनपते जा रहे हैं। कहा कि मानव को प्रभु का सुमिरन करते हुए अपने अवगुणों को बख्शने के लिए प्रभु से अरदास करनी चाहिए। बाबा जोगा सिंह ने शबद कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। संस्था के संचालक बाबा सर्ववीर सिंह ने संगत से संत ईशर सिंह द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करने का आहवान किया। गुरु का लंगर भी चला।
इस मौके पर सेवादार कुलविंदर सिंह, सतवीर सिंह, रेशम सिंह, सतनाम सिंह, जसवीर सिंह, रंजीत सिंह, चरनजीत सिंह, सेवा सिंह, दिलबाग सिंह, मस्तान सिंह, हरजीत सिंह समेत तमाम संगत मौजूद रही।