जंगल किनारे खेत में घास काट रहे ग्रामीण पर गन्ने के खेत में बैठी बाघिन
ने हमला कर दिया। घायल ग्रामीण किसी तरह बचकर गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने
गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल मे भर्ती कराया है। वहीं वन विभाग की टीम
ने मौका मुआयना किया। साथ ही अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल जाना।
न्यूरिया
थाना क्षेत्र के गांव सैजना निवासी 45 वर्षीय लालाराम बुधवार को सुबह करीब
10.30 बजे टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के निकट स्थित गन्ने के खेत की मेड़
पर पशुओं के लिए घास काट रहा था। इस दौरान गन्ने में बैठा जानवर उसे देख दो
बार गुर्राया। उसने कोई जंगली सुअर समझकर ध्यान नहीं दिया और घास काटता
रहा।
घास काटते हुए आगे बढ़ा। जब उसे बच्चों के साथ बाघिन बैठी मिली।
जब तक संभलता बाघिन ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बाघिन का पंजा उसके बाएं
कंधे और चेहरे पर लगा। अचानक हुए हमले से बचने को लालाराम चीखा तो बाघिन
जंगल की ओर मुड़ गई।
इसी बीच वह हिम्मत कर घायल दशा में गांव पहुंचा और
लोगों को घटना की जानकारी दी।
घरवाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
बाघ के हमले की सूचना मिलने पर महोफ रेंजर केपी सिंह, वनदरोगा ऋषिदेव सिंह
के साथ पहले मौके पर पहुंचे। इधर डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीओ डीपी सिंह
अस्पताल पहुंचकर घायल से घटना की जानकारी ली।
घटना स्थल पर मिले बाघिन के पगमार्क
डीएफओ
कैलाश प्रकाश ने बताया टीम को मौके पर भेजा गया है। जहां बाघिन के पगमार्ग
मिले हैं। गन्ने के खेत में बाघिन के दो बच्चे होने की भी जानकारी मिली
है। संभवत: बाघिन ने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए बचाव में पंजा चलाया
है, जिससे लालाराम घायल हो गया। बाघिन की निगरानी के लिए स्टाफ लगाया जा
रहा है। साथ ही गांव में भी मुनादी कराई जाएगी ताकि लोग उस ओर न जाएं।