अफवाहों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करती न्यूरिया पुलिस। स्रोत पुलिस
पीलीभीत। चोर के शोर की अफवाह का निशाना मानसिक अस्वस्थ और पुलिस टीम बनी तो अफसरों को जागरूकता की जरूरत महसूस हुई। सभी थानों की पुलिस गांव गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूकता की घुट्टी पिला रही है। संदिग्ध गतिविधि या चोर के नजर आने पर थाना पुलिस अथवा डायल 112 पर सूचना देने की नसीहत दी जा रही है। खुद कोई गलत कदम न उठाने की अपील भी की जा रही है। इससे अफवाहों में कमी जरूरी आई, लेकिन चोर का शोर मचने की घटनाएं जारी हैं।
एक माह पूर्व से जिले में चोरों की अफवाहें तेजी से फैलना शुरू हुईं। इसके बाद अधिकांश गांवों में लोग रातों में जागकर पहरेदारी करने लगे। हाथों में लाठी डंडे लेकर लोग खेतों और सड़कों पर घूमने वालों पर नजर रखने लगे। अफवाहों के दौरान के बाद मानसिक मंदिर और बेगुनाह ग्रामीणों के आक्रोश का शिकार होने लगे। कई बार पुलिस भी आक्रोश का शिकार हुई। इसमें छह अगस्त को पूरनपुर देहात के मोहल्ला इंदिरानगर में चोर का शोर मचने की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस के वाहन लोगों ने लाठी डंडे से हमला कर दिया था।
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा घुंघचाई क्षेत्र में एक मामले में पहुंची बंडा पुलिस को ग्रामीणों ने चोर समझकर रोक लिया था। वहीं छह अगस्त को बीसलपुर के परसिया गांव में एक मानसिक अस्वस्थ महिला को शोर समझकर ग्रामीणों ने घेर लिया था। सुनगढ़ी क्षेत्र के गौहनिया क्रासिंग के पास भी एक मानसिक अस्वस्थ को ग्रामीणों ने रात के समय चोर समझकर पकड़ लिया था। आठ अगस्त को गजरौला क्षेत्र के बिठौरा गांव में मानसिक अस्वस्थ युवक के साथ मारपीट की घटना के बाद एसपी गंभीर हुए। थाना प्रभारी को निलंबित करने के साथ ही सीओ और थाना प्रभारियों की बैठक लेकर सख्त निर्देश दिए। इसके बाद से पुलिस जिले भर में गांव -गांव चौपाल लगाने का अभियान शुरू किया।
चौपाल में लोगों से साफ कहा जा रहा है कि चोरों समेत अन्य अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो किसी भी हालत में खुद कानून को हाथ मेें ना लेें, बल्कि क्षेत्रीय पुलिस और डायल 112 को सूचना दी। लगातार चौपाल लगाने की कवायद के बाद अफवाहों के दौरे में कमी जरूर आई, लेकिन शोर थमा नहीं है। एसपी अभिषेक यादव का कहना है कि थाना पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में अफवाहों पर ध्यान न देने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक कर रही है। किसी भी स्थिति में कानून को हाथ में न लेने की हिदायत भी दी जा रही है। इसको लेकर सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।