फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोजा इफ्तार में होने वाले खर्च से करें जरूरतमंदों की मदद

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। लॉकडाउन के बीच रमजान में पुलिस-प्रशासन धर्म गुरुओं से बातचीत कर व्यवस्था संभालने में जुटा है। धर्मगुरु भी प्रशासन का पूरी तरह से सहयोग करने का आश्वासन दे चुके हैं। धर्म गुरुओं ने अपील की है कि रमजान के दिनों में मस्जिद में पांच लोग ही नमाज अदा करें। सामूहिक रोजा इफ्तार न करें और इससे होने वाली बचत गरीबों और जरूरतमंदों के बीच जाकर बांटें।
विज्ञापन

रमजान माह शनिवार या फिर रविवार से शुरू होना है। इस दौरान लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से धर्मगुरुओं से संपर्क कर उनकी ओर से अपील कराई जा रही है। 20 अप्रैल को डीएम की अध्यक्षता में हुई उलमा-ए- दीन की बैैठक में इसे लेकर रणनीति बनाई गई थी। इसमें निर्णय लिया गया था कि मस्जिद में नमाजे पंजगाना, जुमा व नमाजे तरावीह में पांच लोग इमाम, मोअज्जिन, मुतावल्ली, सचिव और सफाई करने वाला ही अदा करेंगे। धर्मगुरुओं का कहना है कि रमजान में ऐसा कुछ न करें, जिससे लॉकडाउन पर असर पड़े।
कुछ दिन पूर्व इमामों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें सब कुछ तय कर लिया है। सामूहिक इफ्तार नहीं होगा। इसमें खर्च होने रकम जरूरतमंदों की मदद में लगाया जाएगा। मजिस्द में सिर्फ पांच लोग ही नमाज अदा करेंगे। जान बचाना पहली जिम्मेदारी है। -मौलाना जरताब रजा खां, काजी-ए-शहर
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण से बचने को लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। समझदारी का परिचय दें। खुदा की इबादत घरों में रहकर ही करें। सहरी और रोजा इफ्तार भी घरों में ही करें। बेवजह घरों से निकलने का प्रयास न करें। रोजों के समय मस्जिद में होने वाला इफ्तार नहीं होगा। -हाफिज सलीम खां, इमाम, जामा मस्जिद पूरनपुर
रमजान पर मस्जिद में सामूहिक नमाज नहीं होगी। इमाम मौलाना खर्शीद और उनके दो अन्य सहयोगी तराबियां पढ़ेंगे। नमाजी अपने घरों पर ही नमाज पढ़ें। वहीं खुदा की इबादत करें। मस्जिद में इस बार कुरान शरीफ का पाठ भी नहीं कराया जाएगा। -सैय्यद डॉ. शाहिद हुसैन कादरी, मुतावल्ली, जामा मस्जिद, बीसलपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें