जिला महिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में भर्ती बच्चे संवाद
पीलीभीत। दिन-प्रतिदिन बढ़ता तापमान बच्चों की सेहत पर असर डाल रहा है। बच्चे डायरिया व अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में उपचार के आधे-अधूरे इंतजामों की वजह से बच्चों को ठीक होने में चार से पांच दिन लग जा रहे हैं। इलाज के लिए बनाए गए स्पेशल वार्ड में भी खानापूरी की जा रही है। समय से दवाएं, खानपान व उपचार नहीं मिल पा रहा है।
जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 80 प्रतिशत बच्चे गर्मी डायरिया, पेट दर्द, इंफेक्शन, तेज बुखार से परेशान पाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को अस्पताल के वार्डों में करीब 15 बच्चों का इलाज किया जा रहा था। बीमार बच्चों का आंकड़ा तो बढ़ रहा, लेकिन अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। वार्डों में भर्ती बच्चों की देखभाल में भी कोताही बरतने की बात सामने आ रही है।
कई दिन भर्ती रहा गुरदत्त, नहीं हो सका उपचार
पूरनपुर से एक सिख परिवार अपने बच्चे का उपचार कराने के लिए जिला महिला अस्पताल आए थे। बच्चे को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। भर्ती कराने के समय वह बोल तक नहीं पा रहा था, एक सप्ताह उपचार के बाद भी उसमें कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल से घर ले गए।
बच्चों के लिए हैं चार वार्ड
जिला महिला अस्पताल में बच्चों के लिए जनरल वार्ड में सात बेड हैं। इसी तरह पीएनसी में आठ, आइसोलेशन में छह और लू से बचाव के लिए पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। पीकू वार्ड में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की बात कही जा रही है। सीएमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बच्चों को बेहतर उपचार किया जा रहा है। वार्डों के इंतजाम भी दुरुस्त हैं।