पीलीभीत। पीलीभीत-बरेली हाईवे के तीन सौ मीटर दायरे तक आवासीय भवन बनाए जा सकेंगे। जिला महायोजना 2031 में इसको शामिल किया गया है। महायोजना लागू होने से हाईवे की जमीन का लैंड यूज भी बदल सकता है। महायोजना के तहत 35 बिंदुओं पर कार्य होंगे। इसका प्रारंभिक सर्वे पूरा हो गया है। ड्राफ्ट फाइनल होने के बाद जनता से आपत्तियां ली जाएंगी।
जिला महायोजना शहर की आबादी के हिसाब से बनाई जाती है, ताकि सुविधाओं को आसानी से हर व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके। जिले की महायोजना 2011 में बनी थी। इसके बाद 2021 में बननी थी। हालांकि इसपर कार्य नहीं हो पाया। अब महायोजना 2031 का खाका तैयार किया गया है। इस योजना के तहत शहर को बरेली हाईवे पर विकसित किया जाएगा। पूर्व में जारी गजट के अनुसार करीब चालीस गांव शहर के विनियमित क्षेत्र के दायरे में शामिल करने की योजना है। हालांकि, अब मास्टर प्लान के तहत इन गांवों की संख्या बढ़ सकती है।
बरेली हाईवे का लैंड यूज भी बदल सकता है। फिलहाल हाईवे के दोनों साइड में तीन सौ मीटर दायरे में आवासीय भवन बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा व्यावसायिक भवन, ट्रेंचिंग ग्राउंड, बायोमेडिकल वेस्ट के इंतजाम, औद्योगिक क्षेत्र, पार्क जैसे करीब 35 बिंदु शामिल हैं। हालांकि अभी प्रारंभिक सर्वे है, जिसपर तमाम विभागों, अफसरों की राय शामिल होगी। बरेली के टाउन प्लानर ने सर्वे का पूरा नक्शा भी बना दिया है। अब इसको फाइनल ड्राफ्ट की शक्ल दी जाएगी। इसके बाद आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद महायोजना का प्लान लागू कर दिया जाएगा। अफसर इसकी तैयारी में जुट गए हैं। इसमें नगर पालिका की भी योजनाएं शामिल होंगी।
बरेली हाईवे की बदल जाएगी सूरत
पूरनपुर हाईवे के मुकाबले बरेली हाईवे तेजी से विकसित हो रहा है। अब इस हाईवे के आसपास मास्टर प्लान लागू होने जा रहा है। मास्टर प्लान की योजनाओं का पूरा होने के साथ इस क्षेत्र की सूरत ही बदल जाएगी। विकास की दौड़ और तेज हो जाएगी। हाईवे को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है, जो मास्टर प्लान लागू होने के बाद तेजी से पूरी हो जाएगी। भवन बनाने के लिए नक्शे पास कराना अनिवार्य हो जाएगा। लैंड यूज भी बदल सकता है। जैसा लैंड यूज होगा, उस पर उसी तरह का निर्माण कार्य किया जा सकेगा।
‘ महायोजना 2031 का प्रारंभिक सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। जल्द ही फाइनल ड्राफ्ट जारी होगा, जिसपर आपत्तियां मांगी जाएंगी। पीलीभीत-बरेली हाईवे को इस मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। इसके तहत हाईवे की दोनों साइड के तीन-तीन सौ मीटर दायरे में आवासीय भवन बनाए जा सकेंगे। 35 बिदुओं पर कार्य हो रहा है।’ - राम सिंह गौतम, एडीएम एफआर