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पीलीभीत एनकाउंटर: चंद लोगों की हरकतों से दांव पर है पूरनपुर की साख, जानिए क्या बोले 'मिनी पंजाब' के लोग

Sat, 28 Dec 2024 03:12 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के पूरनपुर को मिनी पंजाब कहा जाता है। इस क्षेत्र में 20 फीसदी आबादी सिख समाज की है। इस समाज का जिले की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। बीते दिनों हुए आतंकियों के एनकाउंटर के बाद यह क्षेत्र चर्चा में है। यहां के लोगों का कहना है कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो समाज के दुश्मन हैं। 
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स्वराज सिंह और हरेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में पुलिस मुठभेड़ में तीन खालिस्तान समर्थक आतंकियों की मौत और उनके चंद स्थानीय मददगारों की कारस्तानी से पूरनपुर फिर एक बार सुर्खियों में है। खालिस्तान समर्थक आतंकवाद की यादें ताजा हो रही हैं। न केवल क्षेत्र की सुरक्षा सवालों में है, बल्कि यहां के लोगों की साख भी दांव पर है। खासतौर पर पूरनपुर ही नहीं पीलीभीत जिले की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका रखने वाले सिख समाज के लोगों में इसको लेकर गुस्सा है। उनका कहना है कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। समाज के लोग पुलिस-प्रशासन की मदद भी कर रहे हैं।

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पूरनपुर तहसील क्षेत्र की कुल आबादी छह लाख से अधिक है। इस आबादी में सिख समाज का करीब 20 हिस्सा है। तहसील क्षेत्र में पूरनपुर नगर, गजरौला, माधोटांडा, शाहगढ़, हजारा, मथना जप्ती, बाराही, मंझारा आदि सिख बहुल इलाके हैं। सिख समाज की बड़ी आबादी खेती-किसानी से जुड़ी है। इसके अलावा उद्योग-धंधों में भी अच्छी-खासी हिस्सेदारी है। विदेशों में भी यहां के कई लोग हैं। जिले की राजनीति में भी सिख समाज की दखल है। तराई का यह इलाका दूसरा पंजाब कहलाता है।

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ऐसे में माहौल बिगड़ने पर लोग नाराज होते हैं। आतंकवाद के सफाए के बाद जब-जब कोई हरकत होती है तो पूरनपुर के लोगों का बड़ा तबका उसकी खिलाफत में रहता है। लोग खुलकर बोलने से बचते हैं लेकिन उनका मानना है कि माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि 80 और 90के दशक के आतंकवाद के सफाए के बाद हाल के वर्षों में गलत गतिविधियां फिर सामने आ रही हैं। 

खालिस्तान समर्थन पर खड़ा हुआ था विवाद 
बीते जून माह में जरनैल सिंह भिंडरावाला के समर्थन में कुछ लोगों ने गुरुद्वारा के बाहर होर्डिंग लगवा दिया था। इससे खालिस्तान समर्थन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इससे पहले मार्च में जम्मू में गैंगस्टर राजेश डोगरा की हत्या में शामिल हत्यारे भी यहीं शाहगढ़ से पकड़े गए थे। इसके पहले पंजाब में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप की हत्या वर्ष मार्च 2022 में हुई थी। 

मामले में जेल में बंद आरोपी यादवेंद्र सिंह उर्फ आजाद के घुंघचाई के अभयपुर माधवपुर स्थित घर में एनआईए ने फरवरी 2023 में छापा मारा था। तलाशी में पाकिस्तानी हथियार भी मिले थे। 

शोरूम, शैक्षिक संस्थान से लेकर बड़े उद्योगों तक में हिस्सेदारी
पूरनपुर क्षेत्र में सिख समाज की अधिकांश क्षेत्र में हिस्सेदारी है। सिख समाज के लोग शैक्षिक संस्थानों को भी संचालित कर रहे हैं। वाहन शोरूम, छोटे-बड़े होटल, अस्पताल और अन्य व्यवसायों से जुड़े हैं। खेती-किसानी प्रमुख पेशा है। चावल और गन्ने के बड़े उत्पादक हैं। 100 से 150 एकड़ तक के काश्तकार हैं। कई अन्य फसलों के उत्पादन में भी इनका नाम है। 

कनाड़ा, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और अमेरिका तक में बसे हैं लोग
बताया जा रहा है कि पूरनपुर क्षेत्र के कई लोग कनाडा, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, अमेरिका और अन्य देशों में हैं। सिख समाज में प्रत्येक घर से कोई न कोई सदस्य विदेश में है। वहां इनका अच्छा-खासा व्यापार है। यह भी इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार हैं। अकेले पूरनपुर में वीजा बनाने के 25 से 30 आउटलेट संचालित हैं। 

विकास के मामले में पीलीभीत से आगे है पूरनपुर
90 के दशक में जब पूरनपुर क्षेत्र में आतंकवाद चरम पर था, उस समय बड़े व्यापारियों में भगदड़ थी। कई व्यापारी घर-मकान छोड़कर दूसरे शहरों में चले गए। कई लोगों ने अपनों को खोया था। नगालैंड और अन्य स्थानों से आए सुरक्षा बलों ने पूरनपुर को आतंक से निजात दिलाई। इसके बाद इस क्षेत्र ने मुड़कर नहीं देखा। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, बड़े होटल और अन्य सुविधाओं में तेजी से विकास हुआ। आज के समय में विकास के मामले में पूरनपुर को पीलीभीत से बेहतर माना जाता है। जिला मुख्यालय पूरनपुर से काफी पीछे है। 
 

एक नजर में पूरनपुर
  • 6.39 लाख आबादी है पूरनपुर तहसील क्षेत्र की।
  • 20 फीसदी के करीब हिस्सेदारी है सिख समाज की।
  • 25 से अधिक वीजा आउटलेट हैं पूरनपुर में।
  • नेपाल के अलावा लखीमपुर-शाहजहांपुर जिले की सीमा से जुड़ा है पूरनपुर
  • जिले की राजनीति में पूरनपुर का विशेष दखल रहता है।
  • पूरनपुर से कई राज्यों के लिए निजी बस सेवा है। रेल मार्ग से भी जुड़ा है।
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देश की आजादी में बड़ा योगदान है सिख समाज का
जहां आतंकवाद है, वहां कंट्रोल होना चाहिए। अगर किसी क्षेत्र का आतंकवादी है तो उसको वहीं सजा देनी चाहिए। दूसरे क्षेत्र में घटना होने पर क्षेत्र के लोगों की साख पर धब्बा लगता है। सिख समाज के लोगों ने देश की आजादी के लिए बड़ा योगदान किया। अब भी समाज सेवा, विकास में समाज के लोग अग्रणी भूमिका निभाते हैं। किसी भी समाज के चंद लोगों की वजह से पूरे समाज पर अंगुली नहीं उठाई जानी चाहिए।- स्वराज सिंह, किसान नेता

हर समाज में कुछ शरारती होते हैं
सिख समाज के लोगों ने देश की आजादी के लिए बलिदान किया। किसी भी समाज पर विपत्ति आने पर समाज के लोग उसकी मदद में बढ़-चढ़कर भाग लेते है। देश, क्षेत्र के विकास आदि में सिख समाज के लोगों का भारी योगदान रहा और है। चंद लोगों की खातिर समाज के लोगों के लिए गलत नजरिया ठीक नहीं है। हर समाज में कुछ शरारती होते हैं। - हरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान
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