खजुआ दीननगर गांव में गन्ने के खेत में बाघिन के शावकों के साथ छिपे होने की सूचना पर दहशत फैल गई। गांव के लोग एक स्थान पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर वनविभाग व डबल्यूडबल्यूएफ की टीम मौके पर पहुंचकर बाघिन को निकालने में लग गई है। रेस्क्यू टीम लगा दी गई है। हाथियों को भी बुलाया जा रहा है। अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू में कठिनाई हो रही है।
पीलीभीत टाईगर रिजर्व की महोफ रेंज से करीब पांच किलोमीटर दूर न्यूरिया के खजुआ दीननगर गांव में सोमवार को बाघिन दिखाई दी। उसके साथ शावकों के होने की भी आशंका जताई गई। इसके बाद से गांव में दहशत का माहौल है। बताते है कि ग्रामीण मोहन लाल ने बाघिन व शावक शांतिस्वरूप के आलू और गन्ने के खेत में जाते देखे। इसके बाद प्रधानपति ओमशंकर को इसकी जानकारी दी। पूरे गांव में अफरा तफरी मच गई। सूचना वनविभाग को भी दी गई। वन क्षेत्राधिकारी गजेंद्र बहादुर सिंह, डिप्टी रेंजर दीनानाथ स्टाफ के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों से जानकारी करने पर पता लगा कि कई एकड़ में फैले गन्ने के खेत में बाघिन व शावक छिपे हैं। देर शाम प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायला लिया, लेकिन अभी कोई नतीजा नहीं निकल सका। इधर घटना के बाद वन विभाग की ओर से किए जाने वाले दावे भी हवा हवाई साबित होते दिखाई दिए। पिछले दिनों वन संरक्षक वीके सिंह ने वन्यजीव के आबादी में पहुंचने पर तत्काल रैपिड रिस्पांस टीम मौके पर पहुंचने का दावा किया था, लेकिन गांव में ये टीम घंटों बाद भी नहीं पहुंच सकी है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने बताया कि सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई है। गांव में सतर्कता बरती जा रही है। यह भी बताया कि पदचिह्न को देखने के बाद बाघ होने की संभावना है। शावक अथवा मादा बाघ के कोई भी चिह्न नहीं मिले है।