थाना व कस्बा माधोटांडा निवासी काला शर्मा इसी थाना क्षेत्र की एक युवती को नौ मई 15 को भगा ले गया था। जिसकी युवती के घर वालों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और खुद तलाश करते रहे। युवती के घर वालों के साथ अमृतसर (पंजाब) गई पुलिस मंगलवार को बरामद कर थाने लाई और जहां पुलिस व युवती के घर वालों ने काला शर्मा को पीटकर मरणासन्न हालत में कर दिया। खुद को फंसता देख पुलिस मामले को छिपाने में जुट गई। बेहोशी की हालत में पुलिस उसे लेकर देर शाम जिला अस्पताल पहुंची। थाने के कागज न देने पर डॉक्टर ने उसे भर्ती नहीं किया। इस पर पुलिस ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसे आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। उधर पुलिस ने देर रात युवती के भाई की की ओर से काला सिंह के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर उसे अभिरक्षा में ले लिया। बुधवार को घायल आरोपी की बहन अनारा शर्मा के एसपी के सामने पेश होने पर पुलिस ने दरोगा समेत 10 लोगों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
खाकी ने एफआईआर में किया खेल
दरोगा का नहीं खोला नाम, अपहरण की भी नहीं लगाई धारा
मामले में लीपापोती करने में जुटे रहे एएसपी व एसओ
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पुलिस पिटाई से घायल हुए अपहरण आरोपी के मामले को छुपाने व खेल करने में पुलिस ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। एएसपी सुधीर कुमार सिंह से लेकर थानेदार तक झूठ पर झूठ बोलकर घटना से इंकार करते रहे। जब मामला खुला तो पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए कहानी गढ़ने लगे। इतना ही नहीं पुलिस ने घायल की बहन द्वारा दी गई तहरीर में भी खेल कर दिया।
प्रेमी युगल के भागने से लेकर घायल प्रेमी को अस्पताल में भर्ती कराने तक पुलिस ने कई गल्तियां भी कीं। पुलिस ने पहली गलती बिना रिपोर्ट दर्ज किए अमृतसर से प्रेमी युवक को बरामद कर लाने में की। दूसरी गलती मामले की जानकारी अधिकारियों को न देकर की। घायल आरोपी की बहन अनारा शर्मा की तहरीर में भी पुलिस ने खेल किया। अनारा ने तहरीर में कहा कि नौ मई 15 को दरोगा आरएस पुंडीर, गौतम सिंह, गुलजारी सिंह, दरोगा, छुटकू सिंह, बड़कू सिंह, लल्ला सिंह, सुजान सिंह, अमित सिंह, वीरू सिंह, मनीष सिंह सहित 10 लोगों ने उसके भाई काला शर्मा का अपहरण कर लिया और जान से मारने की नीयत से अज्ञात स्थान पर ले गए। जहां उसको इतना पीटा की वह बेहोश हो गया। जब वह थाने गईं तो एसओ ने अभद्रता की और उसे धक्का देकर थाने से भगा दिया। पुलिस ने उसकी तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज नहीं की। रिपोर्ट में दरोगा पदनाम सहित 10 लोगों के खिलाफ धारा 147, 323, 504, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। अपहरण की भी धारा नहीं लगाई।
डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
घायल काला शर्मा को इमरजेंसी में भर्ती न करने से डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर भी सवालियां निशान लग गए हैं। घायल काला शर्मा को डॉॅक्टर ने सिर्फ इसलिए नहीं भर्ती किया कि पुलिस थाने के कोई कागजात नहीं दिखा सकी। सीएमएस आरसी शर्मा ने बताया कि घायल का उपचार करने में कागज कोई बाधा नहीं बन सकते हैं। डॉक्टर ने भर्ती से इनकार नहीं किया था। जब डॉक्टर ने भर्ती कराने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर करने को कहा तो वे घायल को लेकर वापस चले गए थे।
काला शर्मा पुलिस पिटाई से नहीं बल्कि जीप से कूदने पर घायल हुआ था। प्रेमी युगल मामले की जांच के लिए पुलिस अमृतसर गई थी, लेकिन इसकी अधिकारियों से अनुमति नहीं ली और न ही जानकारी दी। यह पुलिस की लापरवाही है। जिसकी जांच एएसपी को दी गई है। जांच के बाद लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जेके शाही, एसपी