गर्मी के महीनों में बिजली की मांग बढ़ जाती है। बढ़ते लोड के कारण जर्जर तार, केबिल व ट्रांसफार्मर भार सहन नहीं कर पाते और वह फुंक जाते हैं। मंगलवार की रात उपाधि कॉलेज के निकट लगे ट्रांसफार्मर की केबिल जलने लगीं। केबिलों के जल जाने से मोहल्ला नईबस्ती समेत कई मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। सुबह कर्मचारियों ने केबिल बदलकर बिजली आपूर्ति शुरू की। शहर और ग्रामीण क्षेत्र का शेड्यूल अलग-अलग निधार्रित है, लेकिन रोस्टर के मुताबिक बिजली मिलना उपभोक्ताओं के लिए सपना है। इस समय 175 मेगावाट की मांग के सापेक्ष महज जिले को 125 मेगावाट ही बिजली मिल पा रही है। अधिशासी अभियंता पंकज अग्रवाल ने बताया कि पावर हाउस, ट्रांसफार्मर, अस्थाई ट्रांसफार्मर व्यवस्थित करने के निर्देश अवर अभियंताओं को दिए गए हैं।
फैक्ट फाइल
0 बिजली उपकेंद्र 20
0 क्षमता 185 मेगावाट
0 आवश्कता 175 मेगावाट
0 उपलब्धता 125 मेगावाट