पीलीभीत/माधोटांडा। बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में परिवार के अंतिम संस्कार करने से इनकार करने के बाद हुए धरना प्रदर्शन को लेकर कानूनी कार्रवाई की गई। सपा के दो पूर्व मंत्रियों समेत सात नामजद और 33 अज्ञात पर निषेधाज्ञा उल्लंघन, महामारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई।
माधोटांडा क्षेत्र में अखंड रामायण पाठ से लापता हुई छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। सात नवंबर की सुबह बच्ची का शव गोमती उद्गम स्थल से कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इस पर आठ नवंबर को परिवार और ग्रामीणों के साथ समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ श्मशान घाट के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद भी राष्ट्रीय सचिव अखिलेश कटियार के साथ गांव पहुंचे थे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। भाजपा के दो विधायक, जिलाध्यक्ष भी गए थे। नौ नवंबर को पुलिस ने खुलासा कर पड़ोस के एक युवक को जेल भेज दिया था। मंगलवार को कोरोना संक्रमण के बीच हुए धरना प्रदर्शन पर कार्रवाई की गई। माधोटांडा थाने में दोनों पूर्व मंत्री समेत सात को नामजद करते हुए 40 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
इंस्पेक्टर एफआईआर छिपाने में लगे रहे
सपा के दो पूर्व मंत्रियों समेत 40 लोगों पर हुई एफआईआर के मामले में माधोटांडा इंस्पेक्टर रामसेवक की कार्यशैली संदेहास्पद रही। पूरे दिन वह कार्रवाई को छिपाने में लगे रहे। एक तरफ जनपद के पुलिस अधिकारी एफआईआर की बात स्वीकार रहे थे। वहीं इंस्पेक्टर रामसवेक का कहना था कि कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, न ही इसकी उन्हें कोई जानकारी है।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए कार्रवाई कराई गई है। माधोटांडा थाने में सपा नेताओं समेत 40 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। नियमानुसार आगे कार्रवाई कराई जाएगी। - जयप्रकाश, एसपी