माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर निर्माणाधीन सड़ा पुलिया की मरम्मत के लिए डलवाई गई ईंट। संवाद
- फोटो : बिजली कटौती से नाराज होकर नारेबाजी करते ग्रामीण।
पीलीभीत। माधोटांडा–पीलीभीत मार्ग पर सड़ा गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया के कारण बनाए गए वैकल्पिक रास्ते की मरम्मत आखिरकार शनिवार से शुरू कर दी गई। विभाग की ओर से कई ट्राली ईंटें डलवाकर रास्ते को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हुई है। हालांकि राहगीरों को इससे आंशिक राहत जरूर मिली है, मगर गहरे गड्ढों के न भरने और जलभराव की समस्या से उनकी मुश्किलें अब भी जस की तस बनी हुई हैं।
करीब 30 किलोमीटर लंबे माधोटांडा–पीलीभीत मार्ग पर यह पुलिया निर्माणाधीन है। डेढ़ माह पूर्व जब यहां निर्माण कार्य शुरू कराया गया तो आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार किया गया था। मगर खोदाई के बाद से ही यह रास्ता जर्जर पड़ा रहा। लगातार हुई बरसात और जलभराव ने हालात और बिगाड़ दिए। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई। गड्ढों और पानी से लबालब वैकल्पिक मार्ग पर आवागमन कई हफ्तों तक ठप रहा। मजबूरी में लोगों को गांवों के रास्ते से होकर आवाजाही करनी पड़ी। शुक्रवार को पानी थोड़ा कम होने पर बाइक सवारों ने रास्ता पकड़ा जरूर, मगर गहरे गड्ढों और फिसलन भरी मिट्टी के कारण कई बार गिरने की नौबत आ गई।
इधर मामला सुर्खियों में आने के बाद विभागीय अफसर गंभीर हुए। शनिवार को मरम्मत की दिशा में कदम आगे बढ़ाए गए। ट्रैक्टर ट्राली में ईंटों को भरकर वैकल्पिक रास्ते पर डलवाने की कवायद तेज की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग ने समय रहते वैकल्पिक रास्ते की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया, जिससे परेशानी बढ़ गई। कुछ ही दिनों में करीब 100 मीटर लंबा यह रास्ता पूरी तरह से जर्जर हो गया। अब ठीक से मरम्मत कार्य होने के बाद ही पूरी तरह राहत मिल सकेगी। अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी का कहना है कि वैकल्पिक रास्ते को दुरुस्त कराया जा रहा है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।