पीलीभीत। नगर पालिका के कार्यों में बंधक एफडीआई लगाने के मामले में प्रभारी ईओ ने लोक निर्माण विभाग से मांगी गई विधिक राय अब तक न मिलने पर रिमाइंडर भेजा है। बंधक एफडीआई लगाने वाली फर्मों पर क्या कार्रवाई की जाए, इस बारे में राय मांग गई थी।
पहले से बंधक एफडीआर का नई निविदा में प्रयोग किए जाने का मामला नगर पालिका पीलीभीत के तत्कालीन जेई इंद्रजीत सिंह ने पकड़ा था। इसकी रिपोर्ट बनाकर मार्च में ईओ को दी गई थी।
प्रभारी ईओ ने इस पर सख्ती करते हुए निर्माण फर्म मै एएस इंटरप्राइजेज, पलक अग्रवाल की फर्म, मै. श्रीशपाल ठेकेदार और मै. संध्या ट्रेडर्स से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। जवाब मिलने पर अंसतुष्ट नगर पालिका के प्रभारी ईओ ने कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर विधिक राय मांगी थी। मार्च से लंबित विधिक राय के मामले में अब तक रिपोर्ट न आने पर दोबारा रिमाइंडर जारी किया गया है। प्रभारी ईओ आशुतोष गुप्ता ने बताया कि दोबारा रिमाइंडर भेजा गया है। संवाद