मंडी समिति में अधिकारियों से बातचीत करते क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक।स्रोत:विभाग
पीलीभीत। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) आईएएस मनिकण्डन ए जिले में गेहूं खरीद का हाल जानने के लिए शुक्रवार दोपहर पीलीभीत मंडी समिति पहुंचे। गेहूं की आवक के बाद भी मंडी के क्रय केंद्रों पर सन्नाटा देख अफसरों से नाराजगी जताई। उन्होंने अफसरों और क्रय केंद्र प्रभारियों को गांवों में जाकर किसानों से संवाद कर खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। वहीं बाजार में गेहूं का भाव समर्थन मूल्य से करीब 70 रुपये तक अधिक है। यही वजह है कि किसान नकद भुगतान व ज्यादा भाव मिलने से व्यापारियों के पास अधिक पहुंच रहे हैं। खरीद लक्ष्य पूरा करने में अफसरों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
पीलीभीत मंडी परिसर में खाद्य विभाग और अन्य एजेंसियों के 32 क्रय केंद्र खोले गए हैं। यहां के अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा ही पसरा रहता है। यही हाल जिले के अन्य खरीद केंद्रों का भी है। जिले में गेहूं खरीद की स्थिति जानने के लिए क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक आईएएस मनिकण्डन ए ने मंडी परिसर में आरएफसी के 10 क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। क्रय केंद्रों पर गेंहू खरीद की धीमी गति का कारण जाना।
उन्होंने जिला विपणन अधिकारी वीके शुक्ला व मंडी सचिव सुभाष सिंह से गेहूं आवक होने के बाद भी खरीद कम होने पर नाराजगी जाहिर की। किसानों के घर-घर जाकर संवाद कर गेहूं खरीद बढ़ाने को कहा। आरएफसी ने डीएम और अन्य अफसरों से भी जानकारी ली।