शहर के नौगवां रेलवे क्रासिंग के पास एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर
तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
परिवार का कहना था कि उनके मरीज की हालत डॉक्टर की लापरवाही से अधिक खराब
हुई है। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर एएसपी, सीओ पुलिस फोर्स के साथ मौके
पर पहुंचे और किसी तरह मामला शांत कराया। इसके बाद घर वाले मरीज को लेकर
बरेली चले गए।
थाना माधोटांडा क्षेत्र के गांव मकरंदपुर चौगान निवासी
केवल सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह उसके 23 वर्षीय पुत्र इकबाल सिंह के
सिर में तेज दर्द हुआ। वह उसे लेकर दोपहर करीब तीन बजे नौगवां रेलवे
क्रासिंग के पास स्थित एक निजी नर्सिंग होम लाए। वहां उन्होंने एक
न्यूरोसर्जन को दिखाया। डॉक्टर ने एमआरआई कराई। इसके बाद बताया कि उसके
दिमाग में पानी भर गया है। उसे माइनर ऑपरेशन कर निकाला जाएगा।
रात करीब
11.30 बजे डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नाक
में डाली गई नली से खून निकलने लगा। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने
पर डॉक्टर ने रेफर करने को कहा। जिस पर उन लोगों ने विरोध जताया। इसी बात
को लेकर सोमवार को डॉक्टर और मरीज के तीमारदार में कहासुनी हो गई। सूचना पर
मरीज के तमाम रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इससे
अस्पताल में हड़कंप मच गया।
लोगों के रोष को देखते हुए अस्पताल प्रशासन
ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर एएसपी सुधीर कुमार सिंह, सीओ सिटी
कौशलेंद्र सिंह, शहर कोतवाल अतुल प्रधान व प्रभारी निरीक्षक सुनगढ़ी बृजेश
सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को किसी तरह से समझा
बुझाकर शांत कराया। एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि घरवाले मरीज को
लेकर बरेली के लिए रवाना हो गए हैं। अस्पताल पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस
तैनात कर दी गई है।