शारदा नदी के जलस्तर में आधी रात के बाद से गिरावट दर्ज की गई। वहीं शुक्रवार को खेतों और आबादी क्षेत्र में घुसा बाढ़ का पानी शनिवार को उतर गया। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के किसानों ने बड़े पैमाने पर कृषि फसलों के तबाह होने की बात कही है।
पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद शुक्रवार को शारदा नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया था, जिससे कंजिया सिंहपुर, नलडेंगा, महाराजपुर, बूंदीभूड़, बंदरबोझ सहित नदी के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया था। घरों के अलावा नदी के समीपस्थ क्षेत्र के खेतों पानी भरने से कृषि फसलें जलमग्न हो गई थीं। उधर, शनिवार को शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट आने के बाद खेतों और आबादी क्षेत्र से पानी उतरना शुरू हो गया। कंजिया सिंहपुर क्षेत्र में प्रधान प्रतिनिधि शंकर राय ने बताया कि पानी भरने से पिरौरा सहित सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन पानी पूरी तरह से उतरने के बाद ही हो सकेगा। उधर, नगरियाखुर्दकलां की प्रधान चंपाराय ने पानी में जलमग्न हुए घरों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि राजस्व विभाग की टीम को बुलाकर फसलों की क्षति का आकलन कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा, जिनके छप्परपोश घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें भी अहैतुक सहायता दिलवाई जाएगी।
बीओपी चौकी से एसएसबी जवानों को हटाया
जगबूड़ा और शारदा की बाढ़ के दौरान एसएसबी की नौजल्हा बीओपी चौकी की ओर भी पानी बढ़ने लगा था। बाढ़ की आशंका के चलते एसएसबी अधिकारियों के निर्देश पर बीओपी चौकी में सुरक्षा से जुड़ा सामान व जवानों को वहां से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। नौजल्हा बीओपी चौकी सीमा से सटे जगबूड़ा नदी के समीप ही बनी है।
नेपाली परिवारों में मचा हड़कंप
शारदा की बाढ़ से शुक्रवार को नोमेंस लैंड पर बसे नेपाली परिवारों में हड़कंप मच गया था। यह परिवार नेपाल में जगबूड़ा एवं शारदा के मुहाने वाले इलाके में बसे हैं। चार वर्ष पूर्व यहां सात नेपालियों की बाढ़ में डूबने से मौत भी हो चुकी है।