पीलीभीत। पंचायत क्षेत्र में आरईडी की ओर से कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य को प्रधान ने ग्राम निधि में दर्शाकर हजारों रुपये हड़प लिए। डीएम की ओर से कराई गई जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही प्रधान को 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।
ब्लॉक ललौरीखेड़ा की ग्राम पंचायत अजीतडांडी निवासी ग्रामीण प्रेमप्रकाश ने डीएम संजय कुमार सिंह से शिकायत की थी। जिसमें विकास कार्यों के लिए आई धनराशि को दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी युगल किशोर सांगुड़ी एवं शारदा सागर खंड के सहायक अभियंता विशाल मिश्रा की दो सदस्यीय जांच टीम गठित की।
इस दौरान कुछ लोगों ने मामले की शिकायत मंडलायुक्त से भी कर दी। जहां शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष में मारपीट हो गई। इस पर टीम वापस लौट गई। जांच टीम ने पुन: गांव पहुंचकर मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि इंटरलॉकिंग कार्य को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) द्वारा कराया गया, लेकिन प्रधान ने निर्माण ग्राम निधि से दर्शाकर धनराशि हड़प ली।
जांच टीम ने ग्रामीण अभियंत्रण के अधिशासी अभियंता से जानकारी की तो उन्होंने भी इंटरलॉकिंग कार्य विभाग द्वारा कराए जाने की पुष्टि की गई। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया जांच में ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव दोषी पाते हुए जांच रिपोर्ट सौंप दी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम संजय कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत अजीतडांडी की ग्राम प्रधान रोशनदेई को कारण बताओ नोटिस जारी करते 15 दिन अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डीएम ने डीपीआरओ को जांच में दोषी पाए गए सचिव का भी जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि जिला अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में ग्राम पंचायत अजीतडांडी में वित्तीय अनियमितता पाई गई है।
प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया गया है। संबंधित सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।