पीलीभीत। लॉकडाउन होने के बाद नगरपालिका का राजस्व वसूली एकदम शून्य की कगार पर आ गई। सरकार के अनलॉक करने के बाद बाजार में एक बार फिर से चहल पहल शुरू हुई तो नगरपालिका ने भी बड़े कर बकायदारों की सूची तैयार करा ली है। जल्द ही बकायेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
नगरपालिका की शहर में 309 दुकाने हैं। ये लंबे समय से किराए पर चल रही हैं। दुकानों में अधिकांश दुकानदार ऐसे हैं जिन पर लाखों रुपये का बकाया है। लॉकडाउन के दौरान नगरपालिका का राजस्व एकदम से घट गया। करदाताओं ने हाउस टैक्स, वाटर टैक्स के साथ दुकानों का किराया भी जमा करना बंद कर दिया था। 70 दिनों के लॉकडाउन में नगरपालिका में मात्र नौ लाख रुपये का राजस्व जमा हो पाया। दुकानों का किराया जमा करने वालों की संख्या बहुत कम रही। एक जून से अनलॉक होने के बाद बाजार में फिर से रौनक आई तो नगरपालिका को दुकानों से किराया वसूलने की भी याद आ गई। नगरपालिका में उन बड़े बकायदारों की सूची तैयार कराई गई है, जिन पर मोटी रकम बकाया है। इसमें 50 दुकानदार ऐसे हैं, जो नगरपालिका के बड़े बकायादार हैं। अब इनसे किराया वसूल किया जाएगा। ईओ निशा मिश्रा ने बताया कि बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है। जल्द ही दुकानदारों से किराया वसूलने के लिए शिकंजा कसा जाएगा।