फिल्म नदिया के पार का गीत सांची कहूं तोरे आवन से हमरे, जैसे गीत सुनाकर श्रोताओं को मस्त करने वाली आवाज हमेशा के लिए खामोश हो जाने का गम जिले वासियों को हमेशा रहेगा। वजह दस माह पहले यहां खादी महोत्सव में अपने इन्हीं गीतों से हजारों श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर गए थे। इस तरह के आयोजन तो फिर भी होते रहेंगे लेकिन दद्दू की कमी हमेशा खलेगी।
दिसंबर 2014 में ड्रमंड कॉलेज मैदान में आयोजित खादी महोत्सव में खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री के बुलावे पर महान संगीतकार एवं गायक रविंद्र जैन पीलीभीत पहुंचे थे। यहां कार्यक्रम देने से पहले उन्होंने शहर और जिले के बारे में जानकारी ली और रात को स्टेज पर कार्यक्रम की शुरूआत चौपाईयों की तर्ज पर जिले की महिमा का बखान कर सभी का दिल जीत लिया था। विभिन्न फिल्मों में गाए अपने कुछ गीत भी उन्होंने सुनाए थे। तमाम संगीत प्रेमियों ने उनसे आशीर्वाद लिया था। हर आम खास से वह पुरखुलूश के साथ मिले थे। उनके इस अंदाज ने सबका मन मोह लिया था। कई संगीत प्रेमी तो उनसे दद्दू कह कर ही बात कर रहे थे। तमाम लोगों ने उनके आटोग्राफ लिए तो कुछ ने फोटो भी खिंचवाए थे। शुक्रवार को उनके निधन की सूचना मिलने से इस कार्यक्रम से जुड़े लोगों के साथ ही संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। पीलीभीत आगमन पर उनका स्वागत करने वाले राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद, चीनी मिल के पूर्व जीएम राजीव अग्रवाल, परविंदर सिंह सैहमी, अनिल महेंद्रू, राजेश बिचले आदि ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राजीव अग्रवाल की गिनती तो उनके करीबियों में की जाती थी। राजीव अग्रवाल बताते हैं कि पहली बार वह उनसे बरेली में 2012 में मिले थे। इसके बाद वह कई बार मिलते रहे। पिछले साल यहां आगमन पर उनसे हुई मुलाकात अंतिम मुलाकात होगी यह उन्होंने सोंचा भी नहीं था।