बीसलपुर। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के गांव में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना से पूरे गांव में आक्रोश है। ग्रामीण अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता में हैं। गांव में रहने वाले हर व्यक्ति को अब यह डर सताने लगा है कि कहीं उनके बच्चों के साथ कुछ ऐसा वैसा न हो जाए। दूसरी ओर दुष्कर्मी के परिवार वालों ने पीड़ित बच्ची के परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी है। उससे पूरा गांव दहशत में है।
बृहस्पतिवार को गांव के बाबूराम ने एक पांच वर्षीय बच्ची को गन्ने के खेत में ले जाकर उसके साथ हैवानियत की। देर शाम बच्ची को गंभीर हालत में जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में अब बच्ची की हालत हालांकि खतरे से बाहर है मगर इस घटना के बाद से गांव वाले भयभीत हो गए हैं। लोगों को इस शर्मनाक घटना के बाद अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
दो हजार है गांव की आबादी, 25 फीसदी लोग ही शिक्षित
जंगल से सटे गांव में सबसे ज्यादा कुशवाहा बिरादरी के 61 घर हैं। उसके बाद जाटव बिरादरी का नंबर आता है। इस बिरादरी के 35 मकान है। इनके अलावा राठौर बिरादरी से 11, ब्राह्मणों के दो, धोबी समाज से 25, कोरी समाज के तीन, भोजवालों के आठ, ठाकुरों के तीन, यादवों के चार और पासवान समाज का एक घर है। गांव में 25 फीसदी लोग ही शिक्षित हैं। बाकी 75 फीसदी अशिक्षित। खेती मुख्य काम है। पूरे गांव में करीब 250 मकान हैं। उनमें 200 पक्के और 50 कच्चे हैं। गांव में कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है। मगर, एक युवक शिक्षा मित्र और आठ होमगार्ड हैं। अधिकांश लोग खेती बाड़ी और मजदूरी करते हैं। यहां किराने की सात दुकानें भी हैं। झोलाछाप की भी एक दुकान है। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय भी हैं। उनमें बच्चे पढ़ते हैं।
थाने से सिर्फ दो सिपाही पहुंचे गांव
दियोरिया कोतवाली में एंटी रोमियो स्क्वायड इस घटना के दूसरे दिन भी गांव में नहीं पहुंचा। गांव वालों ने बताया कि थाने से दो सिपाही शुक्रवार को गांव में जरूर गए, मगर वह बाइक से घूमकर लौट गए। सीओ लल्लन सिंह ने बताया कि दियोरिया कोतवाली का एंटी रोमियो स्क्वायड पूरी तरह से सक्रिय है। मगर, वह भीड़ भाड़ वाली जगह पर ड्यूटी करता है। गांव में एंटी रोमियो स्क्वायड नहीं भेजा जाता है।
बोले ग्रामीण- प्रशासन ऐसे कदम उठाए कि दोबारा घटना न हो
बच्ची से दरिंदगी की घटना के अगले दिन यानी शुक्रवार दोपहर 12 बजे लोग अपने घरों के बाहर इस प्रकरण की चर्चा करते मिले। उन्हें इस घटना से गहरा धक्का लगा। एक ग्रामीण का कहना था कि उनके बच्चे भी खेतों पर देर सवेर आते जाते रहते हैं। अब वह अपने बच्चों को देर सवेर खेतों पर नहीं जाने देंगे। कुछ दूर चलने पर ग्राम प्रधान राजाराम मिले। उनका कहना था कि अब उनकी उम्र लगभग 70 साल हो चुकी है। गांव में आज तक इस तरह की शर्मसार करने वाली घटना नहीं हुई है। मगर, दुष्कर्मी बाबूराम ने अपने साथ सभी गांव वालों के चेहरे पर कालिख पोत दी है। उसकी हैवानियम से पूरा गांव शर्मसार है।
अमर उजाला की टीम जब कुछ दूर आगे गई तो ग्रामीण श्री राम अपने घर के बाहर बैठे थे। बोले- उनके गांव में हुई यह घटना बेहद शर्मनाक है। इस घटना की निंदा जितनी भी की जाए, वह कम है। अब प्रशासन ऐेसे कदम उठाए कि दोबारा ऐसी घटना न घटे। दोषी बाबूराम को कड़ी सजा मिले। गांव के सुरेश चंद्र बोले- हमारा गांव शांतिप्रिय है। दो चार लोग ही आपराधी हैं। कम लोगों का पुलिस से साबका पड़ता है। पुलिस भी गांव में न के बराबर ही आती है। मगर, इस शर्मनाक घटना की वजह से पूरा गांव दुखी है। मासूम बच्ची से इस तरह की दरिंदगी की किसी ने सोची तक नहीं। अपने घर के बाहर मिले छत्रपाल बोले- ऐसी शर्मनाक घटना ने गांव के सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया है। उनके गांव की गिनती प्रतिष्ठित गांवों में होती थी। मगर, बाबूराम ने सबका सिर शर्म से नीचा कर दिया। उसने पूरे गांव का मान-सम्मान गिरा दिया। उसके कृत्य से पूरा गांव शर्मसार और दुखी है।
बीसलपुर के गांव का घटना स्थल।- फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर के गांव में एक चबूतरे पर बैठे लोग कर रहे घटना की चर्चा।- फोटो : PILIBHIT