पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की मासिक पंचायत में गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों की गेहूं नहीं खरीदने, चीनी मिलें गन्ना किसानों का बकाया भुगतान नहीं करने सहित अन्य मुद्दे छाए रहे।
सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हुई पंचायत में जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि किसान गेहूं क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन क्रय केंद्रों पर प्रभारी दिनभर गायब रहते हैं। किसान मजबूरन अपनी उपज आढ़तियों को समर्थन मूल्य से नीचे बचने को विवश है। पहले लस्टर लॉस के कारण सरकारी खरीद कई दिनों तक बंद रही।
लस्टर लॉस वाले गेहूं की खरीद की अनुमति सरकार से मिली तो बारदाना आदि का बहाना बना कर क्रय केंद्रों से टरकाया जा रहा है। चीनी मिलें गन्ना किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रही हैं। जिससे किसान अगली फसलों व छात्रों की स्कूल की फीस नहीं भर पा रहे हैं। बाजार व बैंक से कर्ज लेकर जरूरतें पूरी कर रहे हैं। सहकारी समितियों व उर्वरकों विक्रय क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई। पंचायत में कलीनगर व पूरनपुर तहसील में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी का खनन होने का मामला उठाया। छोटे किसानों की कृषि भूमि थोड़ा सा लालच देकर खराब की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बिजली कटौती जोरों पर है। गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके बाद किसानों ने कई समस्याओं का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को सौंपा। किसानों की समस्याएं हल न होने पर कलक्ट्रेट परिसर में आंदोलन करने की चेतावनी दी। पंचायत में पवन कुमार वर्मा, रेशमा वर्मा, पवन कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद