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इस बार मानसूनी बारिश का कई साल का टूट सकता है रिकॉर्ड

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पीलीभीत। उत्तराखंड से लगे तराई इलाके पीलीभीत में मानसून दो दिन बाद दस्तक दे देगा। उसके बाद जून का आखिरी हफ्ता झमाझम बारिश वाला होगा। मौसम विभाग ने इस बार मानसून के शुरूआती दिनों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। 24 और 25 जून को दो दिन में 350 मिमी. या इससे अधिक बारिश होने का अनुमान है। 23 जून से एक जुलाई तक रोजाना हवा के झोंकों के बीच कभी हल्की मध्यम तो कभी तेज बारिश मिलाकर आठ दिनों में 1300 मिमी. से अधिक बारिश हो सकती है।
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रविवार सुबह सूर्य ग्रहण से पहले ही बादल छाए और मध्यम हवा के बीच बूंदाबांदी भी हुई। उसके बाद सूर्य ग्रहण के समय भी बादल छाए रहे। दोपहर बाद चटक धूप निकली तो भीषण गर्मी शुरू हो गई। शाम को हवा चलने पर गर्मी से कुछ राहत मिली। न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 33.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार और मंगलवार को भी भीषण गर्मी के प्रकोप बीच बादल छाए रहेंगे। बाद में हल्की बारिश होगी। 18 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। मानसून के दस्तक देने से 24 जून से मौसम में पूरी तरह बदलाव आएगा। बुधवार को तेज हवा के झोंकों के बीच भारी बारिश होगी। एक ही दिन में 125 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान है। बृहस्पतिवार को भी 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवा के बीच 24 घंटे में 225 एमएम बारिश हो सकती है। यानी दोनों दिन मिलाकर 350 एमएम बारिश हो सकती है। ये सभी अनुमान मानसून की रफ्तार पर हालांकि निर्भर करेंगे।
लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि मानसून की आहट शुरू हो चुकी है। बरेली मंडल समेत तराई के इलाके में मानसून 23 जून की रात या 24 जून की सुबह दस्तक देगा। उसके बाद दो दिन तक तेज और मूसलाधार बारिश होगी। 26 जून से एक जुलाई तक तेज हवा के बीच रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। इससे तापमान में गिरावट आएगी। गर्मी के प्रकोप से आम लोगों को राहत मिलेगी।
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यह है बारिश का अनुमान
तारीख बारिश का अनुमान
24 जून 125 मिमी
25 जून 225 मिमी
26 जून 53 मिमी
27 जून 360 मिमी
28 जून 250 मिमी
29 जून 126 मिमी
30 जून 25 मिमी
एक जुलाई 216 मिमी
धान और गन्ने की फसल को जबरदस्त फायदा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका का कहना है कि मानसून के प्रारंभ में इतनी ज्यादा बारिश बीते कई वर्षों में नहीं हुई, जितना इस बार होने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। मगर, मानसून के प्रारंभ में जितनी अधिक बारिश होगी, किसान को उतना ही फायदा होगा क्योंकि इस समय धान की रोपाई चल रही है। गन्ने समेत खरीफ की अन्य फसलों में भी बारिश का लाभ किसानों को मिलेगा। जमीन की गर्मी खत्म होगी। फसलों का उत्पादन बेहतर होगा।
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