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बारिश ने गर्मी से दी राहत मगर मुसीबत भी बढ़ाई

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पीलीभीत। आखिर, मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच साबित हुई। रविवार सुबह ही बादल छा गए। नौ बजे पहले 10 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई, उसके बाद पूरे दिन रिमझिम बारिश होती रही। पारा भी चार डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। तापमान गिरने से मौसम सुहावना हो गया। दो हफ्ते से जारी भीषण गर्मी से आम लोगों ने राहत की सांस ली। सोमवार को भी तेज आंधी और हल्की मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
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रविवार सुबह ही बादल छा गए। अपराह्न नौ बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हालांकि यह बमुकिश्ल 10 मिनट ही रही। मगर, उसके बाद पूरे दिन रिमझिम बारिश होती रही। कुछ देर तक तो सावन-भादों की तरह मौसम लगने लगा। सात से 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। रविवार को अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बीते दो दिनों की तुलना में चार डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस था। मई के दूसरे हफ्ते से गर्मी का प्रकोप झेल रहे लोगों को प्री-मानसून बारिश से राहत महसूस हुई।
मौसम विभाग ने सोमवार को भी सुबह तेज आंधी और हल्की मध्यम बारिश होने की भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा का कहना है कि भूमध्य सागर में पश्चिमी विक्षोभ बार-बार सक्रिय होने से आंधी और बारिश के आसार बन रहे हैं। सोमवार को भी तेज हवा के साथ हल्की मध्यम बारिश होगी। दोपहर से दो दिन तक आसमान साफ रहेगा। आंशिक बादल छाए रहेंगे। 11 से 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। मगर, पांच और छह जून को एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। तब तेज गति से हवा चलने और हल्की मध्यम बारिश के आसार रहेंगे। उधर, लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता का कहना है कि अभी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून बारिश हो रही है। यह 15 से 30 मिलीमीटर तक हो सकती है।
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शहर में कई जगहों पर जलभराव
बारिश होने से शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अग्रवाल सभा भवन, मोहल्ला मोहतसिम खां, डोरीलाल, फीलखाना, मोहम्मद बासिद, शेर मोहम्मद, पंजाबियान, सुनगढ़ी, नई बस्ती, बाग गुलशेर खां, रेलवे स्टेशन, स्टेडियम रोड, चीनी मिल रोड समेत घनी बस्तियों की गलियों और मुख्य मार्गों में जलभराव हो गया। लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। गर्मी में सफाई न होने से कई जगह नालों से भी गंदा पानी उफनाकर सड़कों पर भरा।
जायद और धान को फायदा
आईवीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि विशेषज्ञ डॉ. रनजीत सिंह का कहना है कि मई के आखिरी हफ्ते में आंधी आई थी। तब से पुरवा हवा चल रही है। यह मानसून जल्दी आने के संकेत हैं। प्री-मानसून बारिश से जायद की फसलें जैसे मूंग उड़द को भारी लाभ है, दाना अच्छा भरेगा। मूंग और उड़द की जो फलियां पक गई हैं, वह जरूर बारिश में खराब हो सकती हैं। मगर, बाकी फसल यदि वानस्पतिक अवस्था में है, उसमें अच्छी वृद्धि होगी। खरीफ की फसलों जैसे धान की तैयारी करने वाले किसान एक जुताई करने के बाद खेत में पाटा लगाकर छोड़ सकते हैं। उन्हें धान की पौध डालना आसान है।
गन्ने की तेज होगी बढ़वार, फलों में जूस ज्यादा बनेगा
गन्ने की फसल को भी बारिश से लाभ होगा। इस समय गन्ने को अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता रहती है। तापमान अनुकूल रहने से गन्ना तेजी से बढ़वार करेगा। गन्ने में पायरीला जैसे कीट प्रकोप भी कम होगा। आम और लीची की फसल तैयार होने को है, पानी गिरने से फलों का आकार बढ़ेगा। लीची में फल फटने की समस्या कम होगी। फलों के अंदर जूस ज्यादा बनेगा। आम में भी रस चूसने वाले कीटों का प्रकोप बारिश के कारण कम होगा। खेत में ढेंचा लगाने वालों के लिए बारिश का पानी वरदान है, ढेंचा तेजी से बढ़ेगा। लौकी, तोरई, करेला, परवल, खीरा में गर्मी के कारण नर फूलों की संख्या ज्यादा हो रही थी, बारिश होने के बाद तापमान गिरने से मादा फूलों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे इनका उत्पादन बढ़ेगा।
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