बरसात का
मौसम शुरू होने में मात्र डेढ़ माह रह गया है। मगर शारदा और देवहा नदियों
में आने वाली बाढ़ से लोगों को बचाने ने के लिए अभी तक कोई काम शुरू नहीं
हुआ है। इससे लोगों में भय बनने लगा है।
बारिश के समय नेपाल की बमनी और
सनेड़ी नदियों का पानी भी शारदा नदी में आ जाता है। इससे क्षेत्र में भारी
तबाही होती है। पिछले दो वर्षों में शासन ने करोड़ों रुपये का बजट देकर
भू-कटान रोकने को बाढ़ खंड से काम कराए थे। समय से काम शुरू न होने और बचाव
के नाम पर खानापूरी करने के चलते अधिकांश कार्य बाढ़ की भेंट चढ़ गए थे।
बाढ़ से कई स्पर और ठोकरें भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं जिन्हें तुरंत ठीक
कराने की जरूरत है।
बाढ़ खंड की माने तो इस बार दोनों नदी के कटान से
बचाव को कार्य कराने के लिए प्रस्ताव समय से बनाकर शासन को भेज दिया गया
है। इनमें शारदा नदी पर रमनगरा व नहरोसा के दो प्रोजेक्टों को स्वीकृति भी
मिल गई है लेकिन धन नहीं मिला है। इससे काम अधर में लटका है। यह हाल तब है
जब बरसात आने को डेढ़ माह शेष रह गए हैं, लेकिन धन मिलने के कोई आसार नजर
नहीं आ रहे हैं।
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बाढ़ से बचाव के लिए शारदा और देवहा के लिए कई
प्रोजेक्ट बनाकर भेजे गए हैं। रमनगरा और नहरोसा के लिए स्वीकृति भी मिल गई
है। धन आवंटन न हो पाने के कारण कार्य शुरू नहीं कराए जा सके हैं। जल्द ही
धन आवंटन की उम्मीद है। धन मिलते ही युद्धस्तर पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
- मिनहाज अहमद, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड