बंद पड़ी औषधि की पिसाई की मशीन। संवाद
- फोटो : मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक। स्रोत: विभाग
पीलीभीत। प्रदेश के 19 जिलों में आयुर्वेदिक दवाओं की आपूर्ति करने वाली राजकीय औषधि निर्माणशाला में बरसात रोड़ा बनकर आई है। लगातार नमी और बारिश के कारण आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन ठप पड़ गया है। कच्ची औषधियों को सुखाने, उनकी गुणवत्ता बनाए रखने और पिसाई की प्रक्रिया प्रभावित होने से निर्माण कार्य बंद हो गया है, फिलहाल पहले से तैयार दवाओं की पैकिंग कर आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
शहर के मोहल्ला खकरा में बनी स्थानीय आयुर्वेदिक निर्माणशाला से प्रदेश के 19 जिलों के 405 चिकित्सालयों पर आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन कर उसकी पूर्ति की जाती है। आयुर्वेदिक दवाएं तैयार करने से पहले निर्धारित तापमान और पर्याप्त धूप में सुखाना आवश्यक होता है, लेकिन एक जुलाई से शुरू हुई बरसात ने औषधि निर्माणशाला का काम पूरी तरह से ठप कर दिया है। शीतोप्लादि, लवणभास्कर, तालाशादि सहित अन्य सामान इन दिनों सूख नहीं पा रहा है। वर्तमान में सिर्फ स्त्री रोग के लिए कुष्यादि दवा ही तैयार हो पा रही है।
आयुर्वेदिक औषधि निर्माणशाला के अधीक्षक डॉ. प्रकाश का कहना है कि मशीनें नमी युक्त दवाएं नहीं पीसती, इसलिए कार्य प्रभावित है। पर्याप्त धूप में सूखने के बाद ही मशीनों से चूर्ण आदि पिसते है। संवाद