दो दिन से हो रही बेमौसम बारिश फसलों पर आफत बनकर गिरी है। बुधवार की रात
की बारिश और ओलावृष्टि से गिरी गेहूं की फसल पानी भरने से सड़ने की कगार पर
पहुंच गई है। जिले मेें फसलों के नुकसान का आंकड़ा 30 से 35 प्रतिशत तक
पहुंच सकता है। वहीं, दूसरी ओर लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त है और
ठंडक भी बढ़ गई है। सोमवार को जिले में 12 मिली मीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई
है।
इस बार किसानों से उनकी किस्तम रूठ गई है। लहलहाते खेतों में खड़ी
गेहूं की फसल बेमौसम बरसात की भेंट चढ़ गई। रविवार सुबह तीन बजे से शुरू
हुई बारिश दूसरे दिन सोमवार शाम तक जारी रही। इस बारिश से खेतों सहित
जगह-जगह पानी भर गया। खेतों में पानी भरने से पांच दिन पहले बृहस्पतिवार को
आंधी पानी में गिरी गेहूं फसल के उठने के आसार खत्म हो गए हैं।
वहीं
लगातार हुई इस बारिश से गेहूं के अलावा, सरसों, लाही, मसूर और मटर आदि
फसलों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के साथ हवा चलने से जगह-जगह पेड़ गिर गए
हैं, जिससे कई स्थानों पर बिजली सप्लाई भी ठप रही। सोमवार को जिले में 12
मिली मीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि रविवार को 10.5 मिमी बारिश हुई थी।
पांटूनपुल से बंद रहा आवागमन
हजारा।
बारिश के कारण धनाराघाट मार्ग पर हुए कीचड़ के कारण पांटूनपुल से वाहनों
का आवागमन दूसरे दिन भी ठप रहा। इससे लोगों को खासी असुविधा हुई। घाट
ठेकेदार प्रतिनिधि असलम कुरैशी ने बताया कि पांटून पुल सही है। रास्ते में
दलदल हो जाने के कारण वाहन नहीं निकल पा रहे हैं।
नोकेन में दूसरे दिन भी बंद रही चीनी मिल
पूरनपुर।
बारिश के चलते गन्ना आपूिर्त न होने पर चीनी मिल नोकेन में दूसरे दिन भी
बंद रही। मिल प्रबंधन अब मिल की क्लीनिंग करा उसे देर रात तक चालू करने की
बात कह रहा है।
भाजपा नेता ने किया दौरा
मरौरी ब्लाक के
पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं भाजपा नेता संजय गंगवार ने ग्रामीण क्षेत्रों में
भ्रमण कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रशासन से मुआवजा दिलाने
की मांग की।
अतिवृष्टि के नुकसान का भी होगा आंकलन
जिले
में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों का जबरदस्त नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि
से हुए नुकसान का आंकलन कर लिया गया है। अत्याधिक बारिश से हुए नुकसान के
आंकलन के निर्देश राजस्व विभाग को दिए गए हैं। आंकलन कर नुकसान की रिपोर्ट
शासन को भेजकर मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
- ओएन सिंह, डीएम