25/26 फरवरी की रात तेज आंधी के हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की तैयार खड़ी गेहूं, सरसों, मसूर आदि की फसल बर्बाद हो गई थी। इसमें सर्वाधिक नुकसान बीसलपुर क्षेत्र में हुआ था। डीएम ओएन सिंह ने कृषि अधिकारियों के साथ स्वयं गांव का दौरा नुकसान का जायजा लिया था। उनके निर्देश पर जिले की तीनों तहसीलों के राजस्व कर्मियों ने बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध करा दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 1146.78 हेक्टेअर में खड़ी फसलों में 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन ने नौ हजार प्रति हेक्टेअर के हिसाब से 1.03 करोड़ की डिमांड शासन को भेजी है।
न्यूनतम 15 सौ रुपये तक मिलेगी राहत
किसानों को आपदा राहत से अब तक न्यूनतम साढे़ सात सौ रुपये दिए जाने का प्रावधान था। इसमें अब बढ़ोतरी कर न्यूनतम 15 सौ रुपये और अधिकतम नौ हजार रुपये कर दिए गए हैं।
सर्वाधिक बीसलपुर से 690 हेक्टेअर में नुकसान
बीसलपुर। बारिश और ओलावृष्टि से सर्वाधिक बीसलपुर तहसील क्षेत्र में नुकसान हुआ है। तहसीलदार नन्हेंलाल के अनुसार सर्वे में 38 गांव में नुकसान की रिपोर्ट है जिसके लगभग 690 हेक्टेअर फसल प्रभावित हुई है। इस भरपाई को 63 लाख की डिमांड भेजी है।
तहसीलों में नुकसान की स्थिति
तहसील नुकसान(हेक्टेअर)
पूरनपुर 346.47
बीसलपुर 690.00
सदर 110.31
कुल 1146.78