पीलीभीत। रेलवे कॉलोनी स्थित अपने ही सरकारी आवास में बुधवार को ट्रैकमैन प्रेमशंकर (35) का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद हुआ। घटना के बारे में पड़ोसियों को भी तब पता लगा जब बदबू आसपास फैली। पड़ोसियों की सूचना के बाद सुनगढ़ी पुलिस पहुंची। ट्रैकमैन अकेले रहता था। पत्नी मायके में थी। पोस्टमार्टम के बाद शाम छह बजे शव को लेकर परिजन बरहा गांव पहुंचे तो तब पत्नी के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए उन्होंने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इस पर दो थानों की पुलिस के साथ एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे।
सुनगढ़ी क्षेत्र के गांव बरहा निवासी प्रेमशंकर (35) पुत्र गंगाराम रेलवे में ट्रैकमैन पद पर तैनात था। रेलवे कॉलोनी के सरकारी आवास पर रहता था। भाई जितेंद्र ने बताया की करीब 15 साल पहले ट्रैकमैन भाई का कोतवाली क्षेत्र के गांव बख्शपुर निवासी तेजवती के साथ विवाह हुआ था। शादी के बाद परिवार में पत्नी के अलावा पुत्री काजल, गौरी और पुत्र रामलखन के साथ अपने सरकारी आवास पर ही रहता था। कुछ दिन पहले विवाद के बाद पत्नी चली गई थी। जितेंद्र ने बताया कि उसकी 28 अप्रैल को अपने भाई से मुलाकात हुई थी इसके बाद से उसकी कोई जानकारी नहीं लगी।
बुधवार सुबह करीब छह बजे कॉलोनी के पड़ोसियों ने जानकारी दी कि भाई के आवास से बदबू फैली है। यह बात सुनकर वह मौके पर पहुंचा, संदिग्ध हालात देखकर पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने पर आवास खोलकर देखा तो बरामदे में शव पड़ा मिला। सिर के पीछे और चेहरे पर खरोंच के निशान थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ट्रैकमैन भाई अजय कुमार ने सुनगढ़ी थाने को तहरीर दी। इसमें ट्रैकमैन की पत्नी और कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। एसपी दिनेश कुमार पी. ने बताया कि ट्रैकमैन की पत्नी पर हत्या का आरोप लगाया गया है। उसकी गिरफ्तारी की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोप पर गिरफ्तारी नहीं होती। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके जांच करेगी। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। विसरा सुरक्षित रखा गया है।