पीलीभीत। होली के त्योहार के बाद सोमवार को करीब चार दिन बाद पूरे दिन की ओपीडी हुई। इसके चलते बड़ी संख्या में मरीज उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। भीड़ के चलते मारामारी के हालात बन गए। पर्चा से लेकर दवा काउंटर तक कतार में खड़े मरीज व तीमारदार आगे जाने के लिए धक्का-मुक्की करते दिखे। घंटों इंतजार के बाद उपचार मिल सका।
सोमवार को जिला अस्पताल में 1717 नए पर्चे बने। इसके अलावा करीब 700 से 800 मरीज पुराने पर्चे वाले पहुंचे। पर्चा काउंटर के बाहर लाइन इतनी लंबी थी कि कई मरीजों को टिनशेड के बाहर धूप में खड़ा होना पड़ा। मुश्किलों से जूझकर पर्चा बनवाने के लिए घंटों लाइन में लगकर चिकित्सक के पास पहुंचे। इसके बाद दवा काउंटर पर बारी का इंतजार करना पड़ा।
स्थिति यह थी कि सुबह आए कई मरीजों को दोपहर बाद तक दवा नहीं मिल पाई। भीड़ अधिक होने के कारण चिकित्सक भी मरीज को एक से दो मिनट का समय ही दे पाए।वहीं, एक्स-रे कक्ष और जांच केंद्र के बाहर भी मरीजों की लंबी-लंबी लाइन दिखी।
सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग व छोटे बच्चों को हुई। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि छुट्टी के बाद ओपीडी खुलने की वजह से भीड़ रही। सर्दी, बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही।
वैक्सीनेशन कक्ष के बाहर भी भीड़
सोमवार को जिला अस्पताल के वैक्सीनेशन कक्ष में मरीजों को भीड़ दिखी। कुत्ते के काटने पर 202, बिल्ली के काटने पर सात, बंदर के काटने पर 24 और अन्य जानवरों के काटने पर सात लोगों ने एआरवी लगवाई।
दिव्यांग शिविर में कम लोग पहुंचे
प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले दिव्यांग शिविर में करीब 100-150 दिव्यांगों के रजिस्ट्रेशन होते है। इस बार इस शिविर में नाममात्र की ही भीड़ दिखी। महज 60 दिव्यांगों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ।
शहर के जिला चिकित्सालय में पर्चा बनाने वाले काउंटर पर लगी लोगों की लंबी लाइन।संवाद