जिला अस्पताल में बयान के बीच सीएमएस कक्ष के बाहर लगी भीड़।
पीलीभीत। धनवंतरी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में मृतका के परिजन ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित जांच पैनल की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। 10 अगस्त तक न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी से संबंधित फ्लैक्स घर के बाहर लगाए जाने की जानकारी पर शुक्रवार देर रात सिटी मजिस्ट्रेट प्यारेलाल, सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा परिजनों से वार्ता करने उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर कायम रहे।
शहर के छतरी चौराहे के निकट रहने वाले सौरभ अवस्थी की मां पूनम अवस्थी की तीन दिन पूर्व शहर के गांधी स्टेडियम रोड स्थित धनवंतरी अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजन ने आरोप लगाया था कि हाथ में फ्रैक्चर होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध न होने की बात कहकर उन्हें धनवंतरी अस्पताल भेज दिया गया।
आरोप है कि तीन अगस्त की रात अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई। मामले में मृतका के बेटे की तहरीर पर अस्पताल संचालक डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा और डॉ. अक्षत पांडे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और अस्पताल सील न होने से नाराज परिजन ने घर के बाहर पोस्टर चस्पा कर न्याय न मिलने पर 10 अगस्त को आत्मदाह करने की चेतावनी दी। जानकारी पर शुक्रवार रात अधिकारी घर पहुंचे। परिजन ने अधिकारियों को बताया कि मामले में सीएमओ की ओर से गठित जांच टीम को यह कहते हुए निरस्त किया गया था कि आरोपी चिकित्सक डॉ. अक्षत पांडे जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। परिजन का कहना है कि बाद में गठित जांच पैनल में भी जिला अस्पताल के चिकित्सकों को शामिल कर दिया गया। इसी को लेकर उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर आपत्ति जताते हुए स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने परिजनों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना था कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। काफी देर तक वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बनी तो अधिकारी लौट गए। इधर शनिवार को सीएमओ की ओर से गठित जांच पैनल ने जिला अस्पताल सभागार में मामले से जुड़े दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। आरोपी चिकित्सक भी पैनल के समक्ष पहुंचे और अपना पक्ष रखा। वहीं मृतका के परिजन ने भी बयान दर्ज कराए। बयान दर्ज होने के बाद परिजनों ने जांच प्रक्रिया पर असंतोष जताया। उन्होंने 10 अगस्त तक न्याय न मिलने पर दी गई चेतावनी पर कायम रहने की बात कही है। सीएमओ डॉ. बीसी पंत ने बताया कि मामले की कमेटी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।