शहर के काला मंदिर जाने वाले मार्ग पर होता नाला निर्माण कार्य । संवाद
पीलीभीत। शहर को जलभराव से बचाने के लिए इस समय नालों का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। इसको लेकर एडीएम ने जांच कराने की बात कही थी। कमेटी को भी बनाया गया था। इसके बाद मामला अब डीएम कार्यालय जाकर लटक गया है।
शहर को बारिश के दौरान जलभराव से बचाने के लिए इस समय दस बड़े नालों का निर्माण चल रहा है। इसके लिए नौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया था। पूरे शहर में नालों के लिए खोदाई कर दी गई है लेकिन अब तक कहीं भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इससे लोगों को परेशानी भी हो रही है।
नालों के निर्माण में ठेकेदारों की मनमानी भी हावी है। पिछले माह निरंजनकुंज में लोगों ने गुणवत्ता ठीक न होने पर निर्माण कार्य को बंद भी करा दिया था। इसके बाद मामले का एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया ने संज्ञान लिया। उन्हाेंने नालों के निर्माण में गुणवत्ता की जांच कराने के लिए टीम बनाने की बात कही थी।
साथ ही ईओ को निर्देश भी दिए थे। उनके स्तर से टीम का गठन कर पत्रावली डीएम के पास भेजी गई थी। तब से फाइल डीएम कार्यालय में ही पड़ी हुई है। इसमें न तो कमेटी का गठन ही हो सका और न जांच शुरू हो सकी है। ऐसे में निर्माणाधीन नालों के भविष्य को लेकर उंगली उठने लगी है।
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जांच कमेटी को बनाकर प्रस्ताव को मंजूरी के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा था। अभी इसमें कुछ हो नहीं सका है। फिलहाल ईओ को ठीक प्रकार से काम कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- ऋतु पूनिया, एडीएम वित्त