बीसलपुर। गन्ने में जड़, पत्ती व मिट्टी आदि कमियां बताकर तौल से मना करने पर किसानों में आक्रोश पनप रहा है। पूरनपुर और बीसलपुर चीनी मिल क्षेत्र में रोजाना विवाद भी हो रहे हैं। चीनी मिल बंद हो जा रही है। कभी-कभार पुलिस भी बुलानी पड़ती है।
किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर का नया पेराई सत्र 29 नवंबर को चालू हुआ है। पेराई सत्र के साथ ही विवाद भी शुरू हो गए। चीनी मिल की ओर से गन्ना खराब बताकर तौल से मना कर विवाद का कारण बन रहा है। किसानों का कहना है कि गन्ना सही है, मिल बेवजह परेशान कर रही है।
चीनी मिल की ओर से किसी प्रजाति विशेष के गन्ने को खराब नहीं बताया जा रहा। अधिकारियों के अनुसार गन्ने में जड़, पत्ती-अगौला और मिट्टी लगा गन्ना खराब माना जाता है। इसकी तौल रोकी जा रही है। साफ-सुथरा गन्ना खरीदे जाने पर जोर दिया जा रहा है।
क्रय केंद्र प्रभारी खराब गन्ने की तौल न करें, इसकी निगरानी को मिल प्रशासन ने केन यार्ड में चार सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। खराब गन्ने की तौल न हो, इसके लिए मिल प्रशासन ने एक जांच टीम भी गठित कर रखी है।
बातचीत फोटो सहित :
इससे पहले चीनी मिल के अधिकारियों ने खराब गन्ना के मामले में इतनी सख्ती नहीं की थी। इस बार बेवजह परेशान किया जा रहा है। किसानों की खराब गन्ना न लाने की आदत धीरे-धीरे ही पड़ पाएगी।- जितेंद्र मोहन, मोहम्मदपुर
चीनी मिल के खरीद केंद्र पर जड़ और अगौला काटने की व्यवस्था मिल अधिकारियों के स्तर से होनी चाहिए। इससे किसानों को वापस नहीं लौटना होगा। विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी। - धर्मवीर गंगवार, गांव बिहारीपुर कुमीरखा
वर्जन :
किसान सहकारी चीनी मिल के गन्ना अनुभाग के अधिकारियों को रोजाना तौले गए गन्ने का फोटो विभागीय उच्च अधिकारियों के पास भेजना पड़ता है। इसी वजह से मिल के अधिकारियों के सामने खराब गन्ना न तौले जाने की मजबूरी है।- राजेश कुमार सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर
-
59 गन्ना केंद्रों पर तैनात नहीं समिति कर्मचारी, किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। गन्ना समिति क्षेत्र के 59 में से किसी भी केंद्र पर गन्ना समिति कर्मचारी तैनात नहीं है। केंद्रों पर केवल चीनी मिलों के ही कर्मचारी हैं। समिति कर्मी न होने से केंद्रों पर गन्ने की तौल की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
गन्ना अधिनियम के अनुसार सभी केंद्रों पर गन्ना समिति का भी एक-एक कर्मचारी तैनात होना चाहिए। सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में विभिन्न चीनी मिलों के कुल 59 क्रय केंद्र हैं। इन केंद्रों पर संबंधित समिति के कर्मचारी नहीं हैं। मामले में सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर के सचिव राजेश कुमार का कहना है कि कार्यालय में स्टाफ काफी कम होने के कारण क्रय केंद्रों पर समिति कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है।
इन चीनी मिलों के हैं केंद्र
किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा, डालमिया शुगर मिल निगोही, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल मकसूदापुर, द्वारकेश चीनी मिल फरीदपुर और ललित हरी चीनी मिल पीलीभीत के क्रय केंद्र बीसलपुर क्षेत्र में संचालित हैं।
तीन जिलों के 60 हजार गन्ना किसान हो रहे हैं प्रभावित
क्रय केंद्रों पर मानक के अनुरूप स्टाफ तैनात न होने के कारण पीलीभीत, बरेली और शाहजहांपुर जिलों के 60 हजार से अधिक गन्ना किसान प्रभावित हो रहे हैं। इनमें सर्वाधिक किसान पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील के हैं।