पीलीभीत। उत्तराखंड के टनकपुर में चार मार्च से लगने वाले मां पूर्णागिरि मेले के लिए श्रद्धाुओं ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जनपद और आसपास जिलों के भक्त माता के दरबार में माथा टेकने के लिए पीलीभीत से ट्रेन और बस में सवार होकर रवाना होंगे।
श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन और परिवहन निगम ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन देकर मेला यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की मांग की।
टनकपुर में स्थित मां पूर्णागिरि शक्तिपीठ मंदिर मेले की शुरुआत होली मिलन के अगले दिन से हो जाती है। माता के मंदिर में माथा टेकने के लिए जिले के अलावा शाहजहांपुर, लखीमपुर, सीतापुर, कासगंज, बदायूं, हरदोई, फरुखाबाद आदि जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु टनकपुर जाते हैं। यह सभी भक्त पीलीभीत होकर ही टनकपुर जाते हैं। इनमें अधिकांश यहां से ही ट्रेन या बस पकड़ते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के हर साल रेलवे प्रशासन अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करता है। पीलीभीत डिपो भी टनकपुर मार्ग पर बसों के फेरे बढ़ता है। इस वर्ष यह मेला चार मार्च से शुरू हो रहा है। संवाद
चार जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनों का हो संचालन श्रद्धालुओं को मिले विशेष सुविधा
शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप एडवोकेट, राहुल कौशल, शुभम गुप्ता, हरिशंकर राजपूत आदि ने स्टेशन अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार को ज्ञापन दिया। इसमें माता पूर्णागिरि के दरबार में जाने वाले भक्तों के लिए तीन जोड़ी टनकपुर-बरेली अथवा कासगंज के लिए मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की मांग की। साथ ही एक जोड़ी ट्रेन मैलानी अथवा शाहजहांपुर के लिए संचालित किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में उचित सफाई, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था किए जाने की मांग भी की। प्रकाश व अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने जाने की बात भी कही है।