मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में नारेबाजी करते लोग। संवाद
पीलीभीत। जिले को बाढ़ प्रभावित सूची में शामिल न करने पर भड़के ग्रामीणों ने बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया। जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने नारेबाजी करते हुए जिले को बाढ़ प्रभावित सूची में शामिल करने की मांग को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को दिया।
कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि उत्तर प्रदेश डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के फ्लड मॉक एक्सरसाइज रिपोर्ट 2025 में राज्य की बाढ़ संबंधी तैयारी और राहत कार्यों का विस्तृत जिक्र शामिल किया गया है। रिपोर्ट में प्रदेश के बाढ़ प्रभावित 44 जिलों को तीन वर्गों में विभाजित करके शामिल किया गया, लेकिन रिपोर्ट में पीलीभीत जिले को शामिल नहीं किया गया, जबकि रिपोर्ट में शारदा घाघरा नदी के जनपद से गुजरने का जिक्र है।
ज्ञापन में कहा गया कि जिले के बीसलपुर, अमरिया, पूरनपुर क्षेत्र में शारदा और देवहा नदी हर साल नुकसान पहुंचाती है। बाढ़ की दशकों पुरानी समस्या होने के बाद भी जिले को बाढ़ प्रभावित सूची में शामिल न करना सवाल खड़े करता है। ऐसे में पीलीभीत को बाढ़ से संबंधित संवेदनशील जिलों में शामिल करने की मांग की गई। इसके अलावा देवहा नदी के किनारे ठोस बाढ़ नियंत्रण योजना की मंजूरी की मांग की गई। संवाद