शाहगढ़ क्षेत्र में कटे पुल के संपर्क मार्ग पर मिट्टी डलवाकर शुरू किया गया आवागमन। संवाद
पीलीभीत। आठ माह बाद भी बाढ़ से कटे चार मार्गों के पुल-पुलियों की मरम्मत और नवीनीकरण के प्रस्तावों को अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में डेढ़ माह का समय ही शेष है। हालांकि, अफसरों ने बाढ़ में कटे शाहगढ़ मार्ग के पुल के एप्रोच मार्ग पर मिट्टी डलवाकर आवागमन शुरू करा दिया है। इससे करीब 30 गांवों के ग्रामीणों को राहत मिली है।
जिले में जुलाई 2024 में आई बाढ़ ने अधिकांश इलाकों में तबाही मचाई थी। अमरिया, कलीनगर, माधोटांडा, शाहगढ़ क्षेत्र में कई पुल-पुलिया कट गए थे। कई मार्गों पर आवागमन ठप हो गया था। बाढ़ के तीन माह बाद अस्थायी कार्य कराकर माधोटांडा मार्ग पर आवागमन शुरू करा दिया था, लेकिन शाहगढ़, अमरिया के भगा मोहम्मद गंज आदि पर आवागमन बंद था।
इस वजह से दोनों स्थानों के 50 से अधिक गांवाें के लोग परेशान थे। कलीनगर के शाहगढ़ क्षेत्र में क्रॉसिंग के पास कटी पुल की एप्रोच मार्ग की मरम्मत न होने से लोग लंबी दूरी तय कर आवागमन करने को मजबूर थे। कलीनगर तहसील मुख्यालय जाने के लिए क्षेत्र के करीब 12 गांव के लोग असम हाईवे से हरदोई ब्रांच के नहर रास्ते से सफर तय कर रहे थे। समस्या के समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने एक सप्ताह पूर्व कटे मार्ग पर मिट्टी डलवाकर आवागमन शुरू करा दिया। इससे लोगों ने राहत महसूस की।
लोगों का कहना है कि लंबी दूरी तो बच गई। अब स्थायी समाधान की जल्द आस है।