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2.25 करोड़ की खामियां छिपाने को अब तीन करोड़ का प्रोजेक्ट

Sun, 20 May 2018 01:19 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
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Gomti udgam sthal
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गोमती की अविरल धारा बहाने के नाम पर सिंचाई विभाग ने एक बार फिर बड़े खेल की तैयारी की है। पूर्व में किए गए 2.25 करोड़ के कार्यों की कमियों को छिपाने के लिए अब तीन करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसके तहत रजवाह से गोमती तक पूर्व में बने नाले को पिचिंग लगाकर पक्का किया जाएगा। साथ ही कस्बे के गंदे नाले को साइफन बनाकर अलग करने की योजना है। 
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माधोटांडा रजवाहा से गोमती में पानी देने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व सपा सरकार में 2.25 करोड़ रुपया सिंचाई विभाग ने खर्च किया था। इसमें माधोटांडा रजवाह से गोमती उद्गम स्थल तक मशीनों के माध्यम से नाला खोदा गया था जिसमें कुछ भाग को पक्का किया गया था। हैरानी की बात यह है कि 2.25 करोड़ खर्च करने के बाद भी गोमती तक पानी पहुंचाने में यह नाला फेल साबित हुआ। अब एक बार फिर जब गोमती में अविरल धारा बहाने का अभियान शुरू हुआ है तो फुलहर झील को पानी उपलब्ध कराने की कवायद शुरू हुई। इसके लिए फिलहाल देवीपुर माइनर से एक नाला खोदा गया है लेकिन यह नाला ज्यादा समय तक कारगर नहीं हो पा रहा है। पर्याप्त पानी न आने पर अब डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने पूर्व में 2.25 करोड़ की लागत से बनाए गए नाले से ही पानी पहुंचाने के लिए तीन करोड़ का एक और प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट में पहले खोदे नाले को पिचिंग लगाकर पक्का करने की योजना है। ऐसा माना जा रहा है कि नाला कच्चा होने एवं लंबाई अधिक होने के कारण पर्याप्त मात्रा में पानी गोमती तक नहीं पहुंच पा रहा साथ ही कई जगह से रिसाव के चलते भी पानी की मात्रा घट रही है। ऐसे में यदि पिचिंग लगाकर नाले को पक्का कर दिया जाएगा तो पर्याप्त पानी पहुंचाया जा सकता है। नाले में पिचिंग लगाने के साथ ही इसमें जुड़ने वाले गांव के गंदे नाले को भी साइफन बनाकर अलग करने की योजना है। 
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रजवाह चौड़ीकरण एवं रेग्यूलेटर लगाना शामिल नहीं 
सिंचाई विभाग के अभियंताओं में पूर्व में कराए गए कार्यों में हुई कमियों को छिपाने के लिए तीन करोड़ का प्रोजेक्ट तो बना दिया लेकिन उद्गम स्थल तक पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने को न तो रजवाह को चौड़ा करने की कोई योजना बनाई और न ही हरदोई ब्रांच नहर पर रेग्यूलेटर लगाने की। इससे हरदोई ब्रांच नहर बंद होते ही पानी की सप्लाई रुक जाएगी। तब खेतों में सिंचाई के समय पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना मुश्किल होगा। 
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गोमती की अविरल धारा बह सके इसके लिए माधोटांडा रजवाहा से उद्गम स्थल को पानी देने की योजना है। इसके लिए पूर्व में खोदे गए नाले को पक्का करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। नाला पक्का हो जाने से पानी सुगमता से उद्गम स्थल तक पहुुंच सकेगा। 
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धर्म घोष, सहायक अभियंता प्रथम, शारदा सागर खंड 
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