पीलीभीत। पीड़ित से चिकित्सा प्रतिपूर्ति फाइल के नाम पर 50 हजार रुपये की घूस लेते धरे गए पंचायती राज विभाग के प्रधान सहायक संजय तोमर को आखिरकार निलंबित कर दिया गया।
अफसरों ने यह कार्रवाई प्रधान सहायक के जेल जाने के बाद की है। रविवार को सीडीओ ने निलंबन आदेश जारी कर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को जांच अधिकारी बनाया है।
पंचायत विभाग के संप्रति प्रधान सहायक संजय तोमर को 21 फरवरी को भ्रष्टाचार निवारण इकाई (एंटी करप्शन) ने पकड़ा था। टीम ने संजय तोमर के घर और नकटादाना चौराहे के समीप जिम पर पर भी छापा मारा था। चिकित्सा प्रतिपूर्ति फाइल के नाम पर घूस मांगने से परेशान सेवानिवृत्त ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव सक्सेना की शिकायत पर टीम विकास भवन पहुंची थी।
कई घंटे इंतजार के बाद प्रधान सहायक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। मामले में न्यूरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शनिवार को आरोपी को बरेली जेल भेज दिया गया। रविवार को सीडीओ ने प्रधान सहायक को निलंबित कर दिया। पूरे मामले की जांच सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता करेंगे।