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Pilibhit News: प्रधानमंत्री की सराहना से बढ़ेगा बाघ मित्रों का उत्साह

Tue, 30 Jul 2024 04:02 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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प्रेंस कांफ्रेस में जानकारी देते डीएफओ मनीष सिंह।संवाद
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पीलीभीत। वन और वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए पीटीआर में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से सकारात्मक प्रयास करने से परिणाम भी बेहतर मिले। इससे देश और विदेशों में पीटीआर का सम्मान भी बढ़ा है। भविष्य में व्यवस्थाओं में सुधार करने के लिए ठोस योजना बनाई गई हैं। जिसपर जल्द ही अमल शुरू किया जाएगा।
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यह बात बाघ संरक्षण दिवस पर सोमवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने कहीं। उन्होंने बताया कि अनुकूल वातावरण के साथ संरक्षण की दिशा में बेहतर कदम उठाए गए। जिससे बाघों की संख्या बढ़ रही है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जंगल सीमा से सटे गांवों में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इस कार्य में विभागीय टीम और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ गंभीरता के साथ जुटा है। बाघ मित्र भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के बाघ मित्र कार्यक्रम की सराहना से सभी को नई ऊर्जा मिली। खासकर बाघ मित्रों का मनोबल बढ़ा। भविष्य में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ संघर्ष समेत अन्य घटनाओं को रोकने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। जिसपर जल्द ही अमल शुरू हो जाएगा। इस दौरान डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने बाघ मित्र कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा करने के साथ आगे की योजनाएं बताईं।
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हर रेंज में बनेगी बाघ मित्र इको वेलफेयर समिति
वन और वन्यजीवों के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए अब प्रत्येक रेंज स्तर पर बाघ मित्र इको वेलफेयर समिति का भी गठन किया जाएगा। जिससे वन और वन्यजीवों से संबंधित सूचना मिलने पर रेंज स्तर पर समाधान हो सके। समिति में रेंज स्टाफ, बाघ मित्र समेत सात सदस्य शामिल रहेंगे।
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बाघ मित्र एप का कर रहे इस्तेमाल
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में बाघ मित्र कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। जंगल सीमा से सटे 73 गांवों के 150 लोगों को इससे जोड़ा गया। इसके बाद 120 स्वयंसेवकों ने भी आगे आकर कार्य को बल दिया। कोरोना काल में भी बाघ मित्र सक्रिय रहे। इसको तकनीक से जोड़ने के लिए अक्तूबर 2023 में बाघ मित्र एप लांच हुआ। जिसके जरिए बाघ की लोकेशन, खेत, फसल के अलावा पालतू जानवरों पर हमले की घटनाओं को भी रिकार्ड किया जाने लगा। एप के जरिए संघर्ष की सच्चाई को परखा जाने लगा। वर्तमान में सभी 120 बाघ मित्र एप का इस्तेमाल कर रह हैं।
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बाढ़ से चूका की वाटर हट को पहुंचा नुकसान
डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि बाढ़ के दौरान चूका बीच की वाटर हट की सीढ़ियों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा छुटपुट नुकसान भी हुए हैं। क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत शुरू करवा दी गई है। बाढ़ के दौरान चार हिरन प्रजाति पाढ़ा के शव बरामद हुए।
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मास्टर कंट्रोल रूम का होगा गठन, रखे जाएंगे सक्रिय बाघ मित्र



- पीटीआर में आग, संघर्ष समेत अन्य घटनाओं पर गंभीरता बरतने के लिए शुरू होंगे प्रयास



संवाद न्यूज एजेंसी



पीलीभीत। पीटीआर प्रशासन सुरक्षा बंदोबस्त को बेहतर करने के लिए कई योजनाओं को अमल में लाने की तैयारी में जुटा है। जिसमें मास्टर कंट्रोल रूम भी शामिल है। अफसरों की मानें तो आने वाले वन्यजीव सप्ताह में कंट्रोल रूप संचालित हो जाएगा। जिसके तहत आग, संघर्ष समेत अन्य घटनाओं पर समय रहते गंभीरता बरती जा सके।



डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि पीटीआर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और टाइगर ग्लोबल फार्म के सहयोग से मुख्यालय पर मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। जिसके संचालन के लिए विभागीय टीम के अलावा सक्रिय बाघ मित्रों को भी रखा जाएगा। इस काम के लिए उन्हें मानदेय भी दिया जाएगा। कंट्रोल रूम का कार्य जंगल में आग, संघर्ष की सूचना, बाढ़ समेत अन्य घटनाओं की सूचना एकत्र कर कर संबंधित फील्ड स्टाफ को सूचना दी जाएगी।



आने वाले वन्यजीव सप्ताह तक इसको शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति दोस्ताना व्यवहार करने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। अक्सर घटनाओं के समय उग्र ग्रामीण अपना बाघ ले जाने की विभाग को प्रतिक्रिया देते हैं, इसको बदलकर हमारा बाघ की सोच करने के प्रयास किए जा रहे हैं।



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दो सबडिवीजन पर तैनात होंगी आरआरटी टीम



मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं होने पर या बाघ के आबादी क्षेत्र में पहुंचने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए अब आरआरटी टीम को सब डिवीजन स्तर पर तैनात किया जाएगा। टीम के पास जाल, पिंजरा समेत अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध रहेंगे। जिससे वह समय से मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल सके।
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