बीसलपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खांडेपुर की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. उज्जमा अख्तर की ड्यूटी आए दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाए जाने से खांडेपुर में मरीजों को भटकना पड़ रहा है। यहां माह में करीब 20 दिन यही स्थिति रहती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो के विपरीत एक भी एमबीबीएस महिला डॉक्टर नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में जब किसी महिला, युवती और किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने की स्थिति आती है तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खांडेपुर की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. उज्जमा अख्तर की ड्यूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा दी जाती है। यह स्थिति महीने में 20 दिन बनी रहती है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खांडेपुर में व्यवस्थाएं प्रभावित हो जाती है।
यहां सिर्फ डॉ. उज्जमा अख्तर की ही तैनाती है, ऐसे में उनके जाने पर कुर्सी खाली हो जाती है। नतीजतन यहां इलाज की आस में आने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। यह स्थिति पिछले कई महीनों से बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस स्थिति से बखूबी वाकिफ भी है, फिर भी समस्या का समाधान नही करा रहे हैं। इस बावत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि सीएमओ को पत्र भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुरूप एमबीबीएस महिला डॉक्टर नियुक्त कराने की मांग की गई है।