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Pilibhit News: युद्ध की तपिश से बर्तनों के भाव बढ़े, पीतल 50, तांबा हुआ 200 रुपये महंगा

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शहर की एक दुकान पर रखे बर्तन संवाद
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स्टील की कीमत में प्रति किलो 30 रुपये हुआ इजाफा, पुराने स्टॉक से काम चला रहे व्यापारी
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पीलीभीत। पश्चिम एशिया में हो रहे युद्ध से तांबा, स्टील, पीतल और फाइबर के टंकियों के भाव बढ़ गए हैं। इससे बर्तन भी महंगे हो गए। पीतल जहां 50 रुपये महंगा हुआ है। वहीं, तांबे में सबसे ज्यादा 200 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। व्यापारी और खरीदार दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।



सहालग सीजन शुरू होने वाला है। मुस्लिम समाज में शादी और अन्य कार्यक्रम हो भी रहे हैं। खरीदारों पर महंगाई का अधिक बोझ न पड़े। इसके लिए व्यापारी पुराने स्टॉक की बिक्री कर काम चला रहे हैं। शहर और अन्य कस्बों को मिलाकर जिले में 100 से अधिक बर्तन की दुकानें हैं। इनमें शहर में कई बड़े प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। इन दुकानों पर सहालग के समय खरीदारों की भीड़ रहती है। धनतेरस पर बर्तन बाजार का कारोबार करीब पांच करोड़ तक रहता है। ईरान-अमेरिका और इजराइल युद्ध का असर बर्तन बाजार पर भी पड़ा है। परिवहन भाड़े में बढ़ोतरी, आपूर्ति व्यवस्था में ठहराव से तांबा, पीतल और स्टील के दाम बढ़ गए हैं। तांबे की कीमत में 200 रुपये प्रति किलो बढ़ोतरी हुई है। 800 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पुराना तांबा अब एक हजार रुपये में पहुंच गया है। स्टील के दामों में 30 रुपये प्रति किलाे बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह पीतल के दाम भी 50 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। फाइबर की टंकियों की कीमतों में 15 प्रतिशत का उछाल आया है। संवाद
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इस तरह बढ़े दाम

सामान 20 दिन पहले अब



तांबा 800 1000

पीतल 750 800



स्टील 200 230

(नोट- व्यापारियों के अनुसार)





पुराना स्टॉक खपा रहे दुकानदार



पिछले 20 दिन में तांबा, पीतल और स्टील पर दाम बढ़ गए हैं। फाइबर की टंकियों की कीमत भी करीब 15 प्रतिशत बढ़ गई है। फिलहाल पुराने स्टॉक से काम चलाया जा रहा है।- नीरज अग्रवाल उर्फ सोनू महतिया, कार्यवाहक अध्यक्ष बर्तन एसोसिएशन
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बर्तन धातुओं के दाम अचानक से बढ़े हैं। सहालग सीजन में महंगाई का असर बाजार पर पड़ेगा। पहले से लगा स्टॉक ही बिक्री किया जा रहा है, जिससे की खरीदार पर अधिक बोझ न पड़े। - विनीत अग्रवाल, व्यापारी

शहर की एक दुकान पर रखे बर्तन संवाद

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