26वीं वाहिनी एसएसबी मुख्यालय बनाने को ललौरीखेड़ा के निकट खरूआ गांव की जमीन अधिग्रहण का मामला उलझा नहीं है। शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे खरूआ वासियों ने पिछले सर्किल रेट से जमीन के दाम लेने से इंकार कर दिया। साथ ही वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना दाम लेने की मांग कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उधर, पांच किसानों ने प्रशासन से धनराशि लेने को लिखित सहमति दे दी है।
वर्ष 2005-06 में प्रशासन ने खरूआ में एसएसबी मुख्यालय बनाने को करीब 75 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। इस मामले में हाईकोर्ट में चले मुकदमे के बाद किसानों को जमीन का दाम देने के लिए कलक्ट्रेट बुलाया गया। किसानों को उम्मीद थी कि वीएम की याचिका पर कोर्ट में हुए निर्णय के अनुसार वर्तमान सर्किल रेट से चार गुने दाम दिए जाएंगे। परंतु यहां सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में बरेली से आए एलएसएओ कार्यालय की टीम ने किसानों को पिछले सर्किल रेट का चार गुना दाम देने की जानकारी दी। एलएसएओ कार्यालय के सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रकरण में अवार्ड की घोषणा कर किसानों को जानकारी दी गई है। इसमें करीब पांच किसानों से इसके अनुसार धनराशि लेने को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। बाकी किसानों ने इस पर आपत्ति जताते हुए धनराशि लेने से इंकार कर दिया और कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने डीएम के नाम संबोधित ज्ञापन भी उनके कार्यालय में दिया, जिसमें जमीन अवार्ड किए जाने में अपना पक्ष रखने को समय देने की मांग की है।
प्रदर्शन करने वालों में कृष्ण कुमार, कोमिल प्रसाद, गंगाराम, चरन सिंह, भजनलाल, जयपाल, विजय सिंह, शमशाद, बांकेलाल, उमाशंकर, श्यामबिहारी, विजय कुमार मिढ़ईलाल, गोकुल प्रसाद, मेंहदी हसन, शमशान, लालाराम, दिनेश कुमार, हुकुम सिंह, बाबूराम, मोतीराम, डोरीलाल, राजकुमार आदि शामिल रहे।
खरूआ जमीन के अधिग्रहण के बाद अवार्ड होना था। इसके लिए किसानों को बुलाकर जानकारी दी गई है। इसमें किसानों को नियमानुसार भुगतान दिया जाना है। कुछ किसानों ने इनके लिए सहमति दी है।
मासूम अली सरवर, डीएम