पूरनपुर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से निकलने वाले तीन प्रमुख रास्तों पर रात को आवागमन पर प्रतिबंधित होने को लेकर लोग आंदोलन की तैयारी रहे हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के सदस्यों ने रोष व्यक्त किया। रास्तों से आवागमन बंद होने पर समस्याओं को गिनाते हुए समाधान न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
असम हाईवे के समीप होटल में एकत्र हुए लोगों ने रात को पीलीभीत टाइगर रिजर्व से निकलने वाले तीन प्रमुख रास्तों पर आवागमन के प्रतिबंध को लेकर रोष व्यक्त किया। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन युवा के तहसील अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात का प्रतिबंध लागू करने का आदेश जारी किया गया है। इससे इलाका टापू बन जागा। जिला मुख्यालय को वैकल्पिक रास्ते की दूरी करीब 50 किलोमीटर बढ़ जाएगी। बाघ संरक्षण के साथ यातायात भी सुचारू होना चाहिए।
हाजी रियाजतनूर खां मझले ने कहा कि क्षेत्र के लोगों का आवागमन जंगल के रास्तों से ही होता है। इसमें चाहे जिला मुख्यालय आवागन ही क्यों न हो। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय मंत्री विजयपाल विक्की ने कहा कि बाहर से आने वाला सामान रात को ही आता है। फल, सब्जी बरेली, दिल्ली से आती और जाती है, जिनके वाहन रात को ही निकलते है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिला उपाध्यक्ष रामनिवास शर्मा ने कहा कि किसान दिन में खेती-किसानी करते हैं। फसलों की बिक्री करने को रात को ही निकलते हैं। इसके अलावा शादी, बीमारी आदि के लिए लोगों को रात में ही निकलना पड़ता है। रात को वाहनों का आवागमन बंद होने से सभी वर्ग के लोग प्रभावित होगे।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय मंत्री नवीन अग्रवाल ने कहा कि प्रमुख सड़कों से आवागमन बंद होने से बड़ी समस्या होगी। संवाद